GWALIOR. अपहरण, फिरौती की मांग और हत्या के गंभीर मामले में फरार युवक ने ऐसा प्रपंच रचा कि पुलिस उसे मृत समझती रही। शातिर ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए खुद को मृत घोषित करा लिया। नौ साल बाद जब पुलिस को पता चला तो योजनाबद्ध तरीके से उसे पकड़ा गया। लेकिन युवक पुलिस अभिरक्षा से भी भागने में कामयाब हो गया। यह पूरा मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर का है। आरोपी के फरार हो जाने के बाद तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
वर्ष 2013 में बदमाश जयपाल उर्फ मुकेश परिहार ने अपने साथियों के साथ मिलकर बहोड़ापुर निवासी व्यापारी के पुत्र प्रांकुल शर्मा (18) का अपहरण कर लिया था। इसके बाद व्यापारी से फिरौती के रूप में रकम की मांग की गई थी। बाद में अपहरणकर्ताओं ने डबरा के पास सिंध नदी में ले जाकर प्रांकुल की हत्या कर दी थी। पुलिस की जांच में इस वारदात में नौ लोगों के शामिल होने का पता चला था। इनमें से आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। जबकि जयपाल फरार हो गया था।
बाद में माता-पिता ने जयपाल की मौत हो जाने की अफवाह फैला दी। साथ ही मृत्यु प्रमाण पत्र समेत अन्य दस्तावेज तैयार कर लिए। पुलिस भी उसे मृत मानकर चल रही थी। बाद में पुलिस को पता चला कि जयपाल जिंदा है और दिल्ली में जयपाल बघेल के नाम से रह रहा है। तब पुलिस ने उसे पकड़ने की योजना बनाई।

दिल्ली से ले आए थे ग्वालियर, फिर दिया चकमा
पुलिस की पतासाजी और तकनीकी जांच में दिल्ली में उसके लोकेशन का पता चला। फिर सुनियोजित तरीके से टीम ने जाकर उसे गिरफ्तार कर लिया और उसे ग्वालियर लाया गया। चूंकि वारदात के समय उसके नाबालिग होने की बात कही जा रही थी। ऐसे में उसकी आयु की सत्यता जानने के लिए उसे स्कूल ले जाया गया था। इस बीच पुलिसकर्मी बातचीत में मशगूल हो गए। इसका फायदा उठाकर जयपाल ने अपने हाथ में बंधी रस्सी खोल ली। फिर कॉन्स्टेबल के हाथ को झटककर भागने लगा। पुलिसवालों ने उसे पकड़ने के लिए उसके पीछे दौड़ लगाई पर नाकामयाब रहे।

घटना सीसीटीवी में कैद, पुलिस की हो रही किरकिरी
जयपाल के बीच सड़क पर भागने और पुलिसकर्मियों के पीछा करने का पूरा घटनाक्रम पास लगे सीसीटीवी में कैद हो गया। अब इसका फुटेज भी वायरल हो गया है। इससे पुलिस की जमकर किरकिरी हो रही है।
इन्हें किया गया सस्पेंड
पुलिस अभिरक्षा में आरोपी के फरार होने के इस मामले में तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। दरअसल एएसआई मोहन सिंह, हवलदार रवि पाठक और हवलदार रघुवीर को आरोपी को लेकर जाना था। लेकिन सिर्फ एसआई मोहन सिंह और हवलदार रवि पाठक ही गए थे। ऐसे में ग्वालियर एसएसपी अमित सांघी ने तीनों को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच करते हुए फरार आरोपी जयपाल परिहार की तलाश की जा रही है।






































