BHILAI. इस नवदुर्गा पर आप माता के उन भजनों को सुन सकते हैं जो 25 साल पहले रिकॉर्ड किये गए थे। इन पुराने भजनों में से एक भजन को सोमवार को youtube पर रिलीज किया गया। कैसेट के ज़माने में ये भजन माता की आस्था का केंद्र रहे, लेकिन कैसेट प्लेयर के लुप्त होने के कारण गायब हो गए। माता के ये भजन एक बार फिर भक्ति का माहौल बनाने के लिए तैयार हैं।

ये वो भजन हैं जिन्हें लता मंगेशकर सम्मान से सम्मानित अपने समय के प्रख्यात गायक हरीश सराफ ने अपनी आवाज दी है। बता दें कि हरीश सराफ अब भिलाई के निवासी हैं। भजनों को मध्य प्रदेश के सागर जिले के स्व. बिहारीलाल सराफ ने लिखा है। भजनों का संगीन मानिस-सुकू ने तैयार किया है। इन भजनों को 1998 की शुरुआत में रिकॉर्ड किया गया था।

कैसेट प्लेयर के ज़माने में माँ दुर्गा के इन भजनों की खासी धूम थी। नवदुर्गा के अवसर पर हर दुर्गा पंडाल में माता के ये भजन ज़रूर सुनाई देते थे। अपनी खनकती आवाज के लिए मशहूर हरीश सराफ ने उस ज़माने में इन भजनों के जरिये माता के भक्तों के दिलों में खास जगह बनायीं थी। कैसेट प्लेयर के लुप्त होने पर भजन भी सुनाई देना बंद हो गए। लेकिन एक बार फिर माता के भक्त इन भजनों को सुन सकेंगे।

नवदुर्गा उत्सव के पहले दिन यानी सोमवार को youtube पर माता के इन्हीं भजनों में से एक “छायो रोम-रोम उल्लास” भजन को रिलीज कर दिया गया। इस भजन में retro स्टाइल है। singer हरीश सराफ की आवाज का एक अलग texture है।
सुनें यह भजन…


































