BHILAI. भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) सहित अन्य संयंत्रों में कर्मचारियों द्वारा बोनस को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शन का असर भिलाई में भी देखने को मिला। जहां एक ओर प्रबंधन बोनस को लेकर अड़ा हुआ है तो दूसरी ओर अपनी मांगों को लेकर कर्मी प्रदर्शन करते रहे।
भिलाई में विभिन्न यूनियनों के बैनर तले संयुक्त प्रदर्शन हुआ। शहर के बोरिया गेट में हुए संयुक्त प्रदर्शन में इंटक, सीटू, एटक, एचएमएस, एक्टू, स्टील वर्कर्स यूनियन, इस्पात श्रमिक मंच और लोइमो के पदाधिकारी, सदस्य व अन्य कर्मी शामिल हुए।

सेल से संबंधित सभी यूनिट्स में प्रदर्शन हुए। तमाम यूनियनों के बैनर तले कर्मचारियों ने सुबह प्रदर्शन किया। राजहरा माइंस क्षेत्र में कर्मचारियों ने अलसुबह ड्यूटी जाते समय एक घंटे प्रदर्शन में सम्मिलित हुए फिर ड्यूटी निकल गए। अधिकांश यूनिट्स में कर्मियों ने अपनी ड्यूटी के आधे घंटे से लेकर एक घंटे तक प्रदर्शन में अपनी सहभागिता दी।
प्रबंधन ने बोनस के लिए 19 सितंबर और 24 सितंबर को दो बैठकें बुलाई, लेकिन बात नहीं बनी। यूनियनें संयुक्त रूप से 63 हजार रुपए बोनस देने की मांग कर रही थी, जबकि प्रबंधन ने पिछले वर्ष दिए 21 हजार रुपए से बातचीत शुरू की। दो दिन की बैठक में जहां यूनियनों ने 18 हजार कम करते हुए 45 हजार पर आकर अड़ गए। वहीं प्रबंधन ने केवल पांच हजार बढ़ाते हुए 26 हजार बोनस देने की पेशकश की जिसे कर्मचारियों ने गलत बताया।

गौरतलब है कि बीते दो वित्त वर्ष सरकार को कर (टैक्स) चुकाने के बाद सेल ने 3850 करोड़ और 12015 करोड़ रुपए लाभ कमाया। इन लाभांश से तीन प्रतिशत राशि सेल के करीब 50 हजार कर्मचारियों को बोनस के रूप में बांटने कह रही है, मगर इस बात पर प्रबंधन राजी नहीं है। प्रबंधन सेल में कार्यरत करीब 10 हजार अधिकारियों को कमाए गए लाभ का पांच प्रतिशत राशि पीआरपी के रूप में देने के लिए तैयार है। यूनियनों ने कहा कि बगैर विचार किए बोनस के लिए प्रबंधन द्वारा 10 अक्टूबर को बैठक रखी गई है। जबकि सेल एवं अन्य पीएसयू में भी यूनियनों के साथ चर्चा करके नवरात्रि के पूर्व पहले बोनस दिया जाता रहा है। बात नहीं बनने से कर्मी प्रबंधन के प्रति नाराज है।

कर्मियों का तर्क, हमारे साथ हो रहा भेदभाव
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने सेल प्रबंधन से पूछा कि जब भी कर्मियों को बोनस देने का समय आता है प्रबंधन घाटा एवं सेल की खराब स्थिति का बहाना बनाकर कर्मियों को देने में आनाकानी करता है लेकिन अधिकारियों को देते समय ऐसी किसी भी बात का जिक्र नहीं होता है।





































