तीरंदाज, रायपुर। संगीत के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपरा में युवा कलाकारों की सक्रियता काबिल-ए-तारीफ है। न केवल गायन में बल्कि वादन में भी छत्तीसगढ़ के कलाकार अपनी कला का परचम लहरा रहे हैं। युवा कलाकार नए-नए प्रयोग कर रहे हैं और उनकी यही खोजी प्रवृति संगीत को आगे भी बढ़ा रही है। ऐसे ही कलाकारों में शामिल हैं रायपुर के युवा तबलावादक पं. नीलेश शर्मा। नीलेश की प्रतिभा का लोहा मुंबई के मंझे हुए कलाकार भी मान रहे हैं। छत्तीसगढ़ में संगीत का भविष्य कितना बेहतर है, उसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि नीलेश आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों का हुनर बिना किसी शुल्क के तराश रहे हैं।

रायपुर के पं. नीलेश शर्मा ने हाल ही में देवदास फिल्म के गीत ‘काहे छेड़ मोहे” का तबला कवर पेश किया है। इस गीत में शास्त्रीय संगीत के काफी जटिल बोल हैं। नीलेश ने न केवल तबले से बोलों को उकेरा, बल्कि इन कठिन बोलों को ताल के साथ सुर भी दिए। यूट्यूब पर रिलीज किए गए इस प्रोजेक्ट को इंडियन आइडल और सारेगामापा के प्रमुख रिदम प्लेयर गिरीश विश्वा ने सुना और नीलेश की तारीफ की। नीलेश का तबला वादन प्रयोगवादी है और वे लगातार नए प्रयोग करते हैं। रायपुर और बाहर के तमाम कलाकारों के साथ संगत कर चुके नीलेश एकल वादन में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।

नीलेश ने मंजीरे के जरिए संगीत के क्षेत्र में कदम रखा।
अपने भजन गायक पिता पंडित घनश्याम शर्मा के साथ वे कार्यक्रम में मंजीरा बजाते थे। कुछ समय बाद पिता जी के कहने पर ढोलक बजाना शुरू कर दिया। इसके बाद तबले की शुरुआत हुई| तबले की प्रारंभिक शिक्षा रायपुर के ही तबला गुरु महेन्द्र चौहान से ली। इसके बाद अरुण कुमार सोनी और कुमार पंडित से भी हुनर सीखा।

नीलेश केवल वादन तक ही सीमित नहीं हैं। संगीत की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए भी काम कर रहे हैं। संगीत के प्रति समर्पित नीलेश बच्चों को तबला वादन का प्रशिक्षण दे रहे हैं। खास बात ये है कि आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए यह प्रशिक्षण नि:शुल्क है। नीलेश कहते हैं कि अगर बच्चे में हुनर है तो उसको निखारने की जिम्मेदारी हर कलाकार की है। ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए कि अभावों के चलते प्रतिभा दम तोड़ दे। अगर हम बेहतरीन कलाकारों को प्रोत्साहित नहीं करेंगे तो यह कला और कलाकार के साथ अन्याय होगा। रायपुर के कांगेर वैली अकेडमी में तबला शिक्षक के रूप में कार्य कर रहे पं. नीलेश शर्मा अपने शिष्यों को खैरागढ़ से परीक्षा दिलवा रहे हैं। नीलेश छत्तीसगढ़ के जानेमाने भजन गायक पं. विवेक शर्मा के प्रमुख तबला संगतकार भी हैं।