टोल प्लाजा पर वेटिंग टाइम और भी होगा कम, सरकार ला रही है Fastag से भी फास्ट तरीका

NEW DELHI. टोल प्लाजा पर भीड़ कम करने के लिए सरकार एक नया तरीका लाने जा रही है। इस बात की जानकारी खुद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दी। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार एक पायलट प्रोजक्ट भी चला रही है। इस नई टेक्नोलॉजी को ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर सिस्टम (Automatic Number Plate Reader cameras) नाम दिया गया है।

इस सिस्टम में टोल हाईवे पर चलने वाले वाहनों से दूरी के आधार पर टोल चार्ज लिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नई टेक्नोलॉजी के आने से हमें 2 फायदे मिल सकते हैं- पहला तो टोल बूथ पर बेरोकटोक आवाजाही और जितनी दूरी उतना चार्ज। सरकार नए प्रोजक्ट में जीपीएस बेस्ड टोल कलेक्शन पर भी विचार कर रही है। इसके आने से टोल प्लाजा पर वाहनों को रुकने को जरूरत नहीं होगी और तय की गई दूरी के अनुसार टोल देना होगा। वहीं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री का कहना है कि फास्ट टैग ने भारतीय सड़कों पर भीड़भाड़ कम करने में काफी मदद की है।

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बताया कि 2018-19 में टोल प्लाजा पर वाहनों का वेटिंग टाइम औसतन 8 मिनट था। जबकी Fastag के आने से 2020-21 और 2021-22 में ये समय ​​घटकर मात्र 47 सेकंड हो गया है। हालांकि अभी भी घनी आबादी वाले इलाकों और शहरों के पास टोल प्लाजा पर कुछ देर लगती है, लेकिन यह पहले से कम हुआ है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चालकों को आसान ट्रैफिक ऑपरेशन और सुरक्षित यात्रा के लिए सभी नए नेशनल हाईवे और वर्तमान 4 प्लस-लेन वाले नेशनल हाइवे पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMs) इंस्टॉल करे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर हम सभी यातायात नियमों का पालन करे तो भारत की सड़के और भी ज्यादा सुरक्षित हो जांएगी। नियमों के पालन से हम अपने साथ-साथ दूसरों को भी दुर्घटनाओं से बचा सकते है। क्योंकि जब भी कोई हादसा होता है तो जरूरी नहीं दोनों कि गलती हो।