सूदखोर पार्षद और सरपंच ने ली युवा व्यवसायी की जान!, देखें मौत से पहले एसपी को लिखा खत

BILASPUR. प्रदेश में आत्महत्या का मामला तेजी से बढ़ता जा रहा है। इस कतार में प्रदेश की राजधानी से भी एक आत्महत्या का मामला सामने आया है, जहां सूदखोर पार्षद और सरपंच ने युवा व्यवसायी की जान ले ली। पुलिस ने सूदखोर पार्षद, सरपंच व एक अन्य के खिलाफ़ आत्महत्या के लिए उकसाने और कर्जा एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। सुसाइट नोट के सामने आने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरु कर दी है। मृतक ने सुसाइड नोट में सूदखोरों को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है। केस दर्ज होते ही आरोपी सूदखोर फरार हो गए हैं।

दरअसल, 16 सितंबर को सकरी क्षेत्र निवासी युवा व्यवसायी ऋषभ निगम ने जहर खाकर आत्महत्या कर लिया था। कुछ समय बाद 6 पन्नों का एक सुसाइट नोट सामने आया था, जिसे ऋषभ ने बिलासपुर पुलिस अधीक्षक के नाम लिखा था और अपनी मौत के लिए पार्षद, सरपंच सहित एक अन्य सूदखोर को जिम्मेदार बताया था। मृतक के परिजनों ने नोट के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई करने की अपील की हैं।

सुसाइड नोट के आधार पर सकरी पुलिस ने आरोपी सूदखोर पार्षद अमित भारते, सरपंच संदीप मिश्रा व जितेंद्र के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और कर्जा एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। हालाकि, केस दर्ज होते ही आरोपी सूदखोर फरार हो गए हैं। आरोपियों की तलाश जारी है।

बिलासपुर एसएसपी पारुल माथुर ने बताया कि आरोपियों से मृतक का पैसों का लेन-देन था। उसने आरोपियों से पैसे कर्ज में ले रखे थे। मूलधन और ब्याज देने के बाद भी आरोपी मृतक से पैसे की मांग करते रहते थे। इससे तंग आकर व्यवसायी ने आत्महत्या कर ली।