प्राकृतिक छटा निहारने तीन दिवसीय केशकाल एडवेंचर फेस्टिवल कल से

इसमें पश्चिम बंगाल, कर्नाटक राज्यों के अलावा छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, जशपुर, कवर्धा, रायपुर जैसे जिलों से भी लोग शामिल हो रहे हैं। इस फेस्टिवल में पर्यटकों के लिए रॉक क्लाईंबिंग, रैपेलिंग, जीपलाईन, कैंपिंग एवं ट्रैकिंग की व्यवस्था की गई है।

कोण्डागांव। प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर होने के साथ कोण्डागांव जिला अपने मनमोहक प्राकृतिक दृश्यों, मनोरम जलप्रपातों एवं विशिष्ट जनजातीय संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। इन अनमोल विरासत को सहेज कर लोगों को इससे रूबरू कराने और जिले को पर्यटन मानचित्र में विशेष स्थान दिलाने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा हैं।

पर्यटन सर्किट को विशेष पहचान दिलाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा केशकाल एडवेंचर फेस्टिवल का आयोजन कल 17 दिसंबर से किया जा रहा है। इस एडवेंचर में अनेक तरह की गतिविधियों से राज्य के अनेक क्षेत्रों एवं अन्य राज्यों से आये सैलानियों को तीन दिनों तक भ्रमण कराया जाएगा। यह फेस्टिवल 17 से 19 दिसम्बर तक चलाया जायेगा।

21 जलप्रपातों का लेंगे आनंद
जिले में कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा के मार्गदर्शन में ईको पर्यटन सर्किट का विकास किया जा रहा है। इसके तहत जिले के केशकाल क्षेत्र के 21 जलप्रपातों, टाटामारी, केशकाल घाटी, पुरातन मंदिर एवं स्थापत्य, कोण्डागांव की विशिष्ट जनजातिय संस्कृति एवं जिले के देश-विदेशों में प्रसिद्ध शिल्पी ग्रामों को जोड़ा गया है।

पर्यटन क्षमताओं का करेंगे प्रदर्शन
इस फेस्टिवल में जिले के पर्यटन क्षमताओं का लोगों को प्रदर्शन किया जाएगा। इस फेस्टिवल को जिले के मारी क्षेत्र एवं आस-पास के ग्रामीणों के द्वारा बनाई गई ग्रामीण पर्यटन समितियों के द्वारा संचालित किया जा रहा है। ज्ञात हो कि जिला प्रशासन द्वारा आस-पास के ग्रामीणों की आजीविका के साधनों में वृद्धि कर आय के साधनों के लिए पर्यटन समितियों का निर्माण कर अंचल के युवाओं को इनसे जोड़ा गया है। युवा पर्यटकों को प्राकृतिक संसाधनों से परिचय कराने के साथ जनजातिय संस्कृति से भी उन्हें अवगत कराएंगे।

यहां से आएंगे पर्यटक
इस फेस्टिवल में शामिल होने के लिए अन्य राज्यों से भी पर्यटक आ रहे हैं। इसमें पश्चिम बंगाल, कर्नाटक राज्यों के अलावा छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, जशपुर, कवर्धा, रायपुर जैसे जिलों से भी लोग शामिल हो रहे हैं। इस फेस्टिवल में पर्यटकों के लिए रॉक क्लाईंबिंग, रैपेलिंग, जीपलाईन, कैंपिंग एवं ट्रैकिंग की व्यवस्था की गई है।

औषधीय गुणों से भी कराएंगे अवगत
ट्रैकिंग के दौरान जनजातिय स्थानीय वैद्यों एवं युवाओं द्वारा पर्यटकों को स्थानीय वनस्पतियों एवं उनके औषधीय गुणों के संबंध में भी बताया जायेगा। टाटामारी में कैंपिंग के साथ धनुष-बाण द्वारा निशानेबाजी को भी मुख्य आकर्षण के रूप में रखा गया है। इस फेस्टिवल में जिले के बाहर से 45 पर्यटक शामिल होंगे। इसमें पर्यटकों को मांझिनगढ़, बड़ेडोंगर, भोंगापाल, शिल्पग्राम का भी भ्रमण कराया जायेगा।

(TNS)