इस बार करवा चौथ का चांद 8 साल बाद रोहिणी नक्षत्र में निकलेगा, ऐसे करें पूजा

रायपुर। छत्तीसगढ़ समेत देशभर में कल करवा चौथ (Karva Chauth) मनाया जाएगा। अखंड सुहाग के लिए महिलाएं इस दिन सुबह से व्रत रखेंगी। रात में चंद्र दर्शन (Chandra Darshan) और पूजन के साथ इसका समापन होगा। खास बात यह है कि इस बार चंद्रोदय सूर्य प्रधान रोहिणी नक्षत्र (Rohini Nakshatra) में होगा, वहीं दिन भी सूर्य प्रधान यानी रविवार है। ऐसे में सुहागिनों को करवा चौथ (Karva Chauth) पर चंद्रमा के साथ सूर्यदेव का भी आशीर्वाद मिलेगा। ज्योतिषियों के अनुसार ऐसा संयोग 8 साल बाद बन रहा है।

ज्योतिषियों के मुताबिक करवा चौथ (Karva Chauth) रविवार को पड़ रहा है। इस दिन का स्वामी सूर्य होता है। वर्तमान में सूर्य तुला राशि में नीच का है। सायंकालीन गोचर में सूर्य पति के स्थान पर ही अवस्थित होगा, इसलिए चंद्रमा को अर्घ्य देते वक्त सूर्य संबंधी मंत्रों का उच्चारण अवश्य करें। जैसे- ओम घृणी आदित्याय नमः।

व्रत रखने के लिए पढ़िए विधि
सुबह स्नानादि के बाद ‘मम सुख सौभाग्य पुत्र पौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये करक चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये’ मंत्र का जाप कर व्रत संकल्प लें। दीवार पर गेरू से फलक और पीसे चावल के घोल से करवा चित्रित करें। पीली मिट्टी से गौरी और गोद में बैठे गणेशजी की प्रतिमा बनाएं। चौक बनाकर आसन रखें और गौरी-गणेश की स्थापना करें। अब करवा लें और उसमें गेहूं और ढक्कन में शक्कर का बूरा भर दें।

रोली से करवा पर स्वास्तिक बनाएं। गौरी-गणेश और करवा की पूजा करें। फिर ‘नमः शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संतति शुभाम्‌, प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे’ मंत्र का जाप कर पति की दीर्घायु की कामना करें। करवा चौथ की कथा सुनें। फिर सास से आशीर्वाद लेकर करवा उन्हें दे दें। छलनी की ओट से चंद्र दर्शन करें और अर्घ्य दें। पति से आशीर्वाद लें। उन्हें भोजन कराएं और खुद भी भोजन करें।
(TNS)