यह है दुर्ग जिले के चार निकायों की चुनावी तस्वीर… 190 प्रत्याशियों ने लिया नाम वापस

भिलाई निगम सहित चार निकायों में अब 716 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला

Nagar Nigam Bhilai Election
नाम वापसी के दौरान भिलाई निगम में प्रत्याशियों व समर्थकों की भीड़

भिलाई। नाम वापसी के बाद दुर्ग जिले के चार निकायों में चुनावी तस्वीर साफ हो गई है। नगर पालिग निगम भिलाई, नगर पालिक निगम रिसाली, नगर पालिक निगम भिलाई चरोदा व नगर पालिका परिषइ जामुल में कुल 190 प्रत्याशियों ने नाम वापस लिया है। इसके साथ ही अब चारो निकायों के चुनावी मैदान 716 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होगा।

नगरीय निकाय चुनाव के अंतर्गत सोमवार को सभी निकायों में नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके साथ ही अंतिम चुनावी बिसात बछ गई है। नाम वापसी के दौरान सभी चारों निकायों से 190 उम्मीदवारों ने अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद तीन निगम में 629 और नगर पालिका परिषद जामुल में 87 उम्मीद्वार मैदान में हैं। सबसे ज्यादा नामांकन वापसी नगर पालिक निगम भिलाई में देखने को मिला।

यहां देखें कहां से कितने नाम वापस
भिलाई नगर निगम के 70 वार्डों में कुल 437 लोगों ने नामांकन पत्र दाखिल किया था। इनमें से 119 लोगों ने अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद यहां 318 प्रत्याशी चुनावी हैं। इसी प्रकार नगर पालिक निगम रिसाली में 45 अभ्यर्थियों ने अपना नामांकन  वापस लिया जिससे यहां 164 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होगा। इसके अलावा भिलाई चरोदा निगम में 23 प्रत्याशियों ने अपना नाम वापस लिया। यहां कुल 147 उम्मीदवार चुनावी मैदान में रह गए हैं। नगर पालिका परिषद जामुल में सबसे कम 5 प्रत्याशियों ने अपना नाम वापस लिया इसके बाद यहां के 20 वार्डों में कुल 87 उम्मीदवार चुनावी मैदान में रह गए हैं।

चर्चा में रहा भिलाई निगम
नाम वापसी के दौरान सर्वाधिक चर्चा भिलाइर निगम की रही। यहां से 119 प्रत्याशियों ने अपना नाम वापस लिया। यहां से कांग्रेस के 44 व भाजपा के 34 प्रत्याशियों ने नामांकन वापस लिया। भिलाई निगम से 37 निर्दलियों ने भी अपना नामांकन वापस लिया। यहां वार्ड 19 से भाजपा उम्मीदवार ने भी बी फॉर्म मिलने के बाद नामांकन वापस ले लिया। वार्ड 19 राजीव नगर से अजितेश सिंह ने ऐसे समय में नाम वापस लिया कि भाजपा के पास किसी और को बी फॉर्म देने का समय भी नहीं बचा। अजितेश सिंह ने अपने राजनतिक गुरु रामानंद मौर्या को टिकट न मिलने से नाराज होकर भाजपा को झटका दिया। भिलाई निगम में दिनभर इसकी चर्चा होती रही।