सीएम बघेल की अपील का असर : मजदूर दिवस पर बोरे बासी का ट्रेंड, सोशल मीडिया पर संदेशों की लगी कतार

दाे दिन पहले सीएम भूपेश बघेल ने वीडियो संदेश जारी कर लोगों से की थी बोरे बासी खाने की अपील, मजदूर दिवस पर सीएम की अपील ने दिखाया असर।

बोरे बासी डिश

भिलाई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की एक अपील पर एक मई मजदूर दिवस से बोरे बासी दिवस में बदल गया। भले ही यह छत्तीसगढ़ तक सीमित हो लेकिन कांग्रेस नेताओं ने इसकी ब्रांडिंग करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। विधायक से लेकर मंत्री तक बोरे बासी व चटनी की ब्रांडिंग में ऐसे लगे कि दो दिन में ही सोशल मीडिया पर बोरे बासी व चटनी के वीडियो संदेशों की भरमार हो गई है।

बता दें शुक्रवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्विटर पर वीडियो संदेश जारी कर मजदूर दिवस पर लोगों से बोरे बासी खाकर श्रम का सम्मान करने की अपील की थी। सीएम भूपेश ने अपने वीडियो संदेश में बोरे बासी को न सिर्फ छत्तीसगढ़ का पारंपरिक डिश बताया बल्कि गर्मियों में इसे खाने के फायदे भी गिना दिए। सीएम भूपेश बघेल की अपील के बाद सोशल मीडिया फ्लेटफार्म जैसे फेसबुक व वाट्सएप पर बोरे बासी के संदेशों की भरमार हो गई है।

सीएम बघेल की अपील के बाद छत्तीसगढ़ में अचानक बोरे बासी व चटनी को लेकर अगल तरह का माहौल बन गया है। लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया है। इस मौके पर कांग्रेस पार्टी ब्लॉक स्तर पर मजदूरों का सम्मान समारोह आयोजित कर बोरे बासी व चटनी की रेसीपी परोसी गई। जो बोरे बासी गांव व गरीबों तक सीमित थी वह सीएम की अपील के बाद शहरी आबादी को भी आकर्षित करने लगी है।

हैश टैग #LabourDay2022 व #बोरे-बासी
मुख्यमंत्री की अपील पर रविवार को छत्तीसगढ़ के सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि और युवा पीढ़ी भी बोरे-बासी खाकर देश दुनिया में अपने खानपान अपनी संस्कृति के प्रति प्रेम और गर्व की अभिव्यक्ति की। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर हैश टैग #LabourDay2022 ,  #बोरे-बासी, #borebasi, #cgmodel के माध्यम से अपनी फोटो-वीडियो शेयर कर रहे हैं।

बोरे-बासी की विशेषता
बोरे-बासी छत्तीसगढ़ का ऐसा भोजन है जो बचे हुए चावल को पानी में भिगोकर रात भर रख कर बनाया जाता है। फिर सुबह उसमें हल्का नमक डालकर टमाटर की चटनी या अचार और कच्चे प्याज के साथ खाया जाता है। छत्तीसगढ़ के लोग प्रायः सुबह बासी का ही नाश्ता करते हैं। बोरे बासी खाने से न सिर्फ गर्मी और लू से राहत मिलती है, बल्कि बीपी कंट्रोल रहता है डि-हाइड्रेशन की समस्या नहीं होती है।