चिटफंड कंपनियों की धोखाधड़ी के शिकार निवेशकों के घर छाई खुशियां, राशि लौटाने वाला देश का पहला राज्य

राजनादगांव के कलेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा ने बताया कि जिले में चिटफंड कंपनी के निवेशकों से 3 लाख आवेदन मिले हैं। 462 चिटफंड कंपनियों का विवरण तैयार किया गया हैं। चिटफंड कंपनी शुभ साईं इंडिया लिमिटेड की डोंगरगढ़ तहसील के ग्राम घोटिया में 10 एकड़ जमीन कुर्क की गई है।

रायपुर (raipur)। अपनी गाढ़ी कमाई की वापसी का सालों से इंतजार कर रहे निवेशकों (investors) के घर अब जाकर खुशियां आई है। छत्तीसगढ़ सरकार (Government of Chhattisgarh) की पहल पर चिटफंड कंपनियों (chit fund company) के जाल में फंसकर गाढ़ी कमाई लुटा चुके लोगों को उनके रुपए लौटाए जा रहे हैं।

इसकी शुरूआत करते हुए मंगलवार को राजनांदगांव (rajnandgaon) जिले के निवेशकों को 2.46 करोड़ रुपए जिला प्रशासन ने लौटाए। पैसे कम जरूर मिले, लेकिन निवेशकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जिला प्रशासन (district administration) ने चिटफंड कंपनियों के डायरेक्टरों (directors) पर कानूनी कार्रवाई (legal action) कर उनकी प्रॉपर्टी को नीलाम किया और उससे मिली राशि निवेशकों को लौटाई गई है। 16 हजार 796 निवेशकों को इससे पहले भी 7 करोड़ 32 लाख रुपए की राशि वापस लौटाई जा चुकी है। राजनांदगांव में राशि मिलने के बाद अब प्रदेश के अन्य जिलों में चिटफंड कंपनियों से ठगे गए लोगों की उम्मीदें भी बढ़ गई है।

घोषणा पत्र के वायदे को पूरा की सरकार
बता दें कि कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में सरकार बनने के बाद निवेशकों को चिटफंड कंपनियों की प्रापर्टी बेचकर लौटाने की बात कही है। राज्य शासन द्वारा दो माह पहले निवेशकों से आवेदन भी मंगवाए गए हैं। प्रदेशभर में आवेदकों की संख्या 10 लाख से ज्यादा है। वहीं ठगी की रकम 60 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा बताई गई है। मंगलवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने निवेशकों को 2 करोड़ 46 लाख रुपए की राशि ऑनलाइन उनके खाते में अंतरित की। इस अवसर पर सीएम बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ (chhattisgarh) देश का इकलौता राज्य (single state)  है, जो चिटफंड कंपनियों की धोखाधड़ी (fraud) के शिकार हुए लोगों को पैसा लौटा रहा है।

निवेशकों ने कहा- पैसे मिलने की नहीं थी उम्मीद
निवेशक शारदा बाई ने बताया कि उन्होंने चिटफंड कंपनी में 5 लाख रुपए जमा किए थे। उनकी पूरी रकम डूब गई थी। रुपए मिलने की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी। वहीं खैरागढ़ के पुन्नू राम ने कहा कि चिटफंड कंपनी में 50 हजार रुपए निवेश किया था। कंपनी ने राशि 3 गुना राशि देने की बात कही थी। महरु राम ने बताया कि उसने 3 लाख कंपनी में जमा किए थे। इससे पहले उन्हें 90 हजार रुपए वापस मिले थे। आज 30 हजार रुपए वापस खाते में आए हैं। हरिराम ने बताया कि चिटफंड कंपनी में 2.16 लाख रुपए जमा किए थे। कंपनी भाग गई तो रुपए डूब गए। सरकार की पहल से डूबत राशि वापस मिल रही है। पहले उन्हें 65 हजार और आज दूसरी बार 21 हजार रुपए मिले हैं।

रुपए वापसी के लिए तीन लाख आवेदन
राजनादगांव के कलेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा ने बताया कि जिले में चिटफंड कंपनी के निवेशकों से 3 लाख आवेदन मिले हैं। 462 चिटफंड कंपनियों का विवरण तैयार किया गया हैं। चिटफंड कंपनी शुभ साईं इंडिया लिमिटेड की डोंगरगढ़ तहसील के ग्राम घोटिया में 10 एकड़ जमीन कुर्क की गई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा पारित अंतिम आदेश के तहत मटिया गांव में 3 एकड़ तथा हरडूआ में आधा एकड़ जमीन की नीलामी दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह में की जाएगी। वहीं एसपी डी. श्रवण ने बताया कि चिटफंड कंपनियों के विरुद्ध 31 मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें से 27 मामले अभी न्यायालय में लंबित हैं । एक प्रकरण में चिटफंड कंपनी के दो डायरेक्टरों को सजा मिल चुकी है। कुल 61 डायरेक्टर गिरफ्तार किए गए हैं।

(TNS)