संचालक जनसंपर्क की नियुक्ति के 24 घंटे के भीतर बगावत, कनिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति को बताया अपमानजनक

जनसंपर्क अधिकारी संघ की चेतावनी हटाएं, नहीं तो 12 से कलम बंद हड़ताल, कल ही की गई थी इस पद पर सौमिल रंजन चौबे की नियुक्ति

रायपुर। छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग में मंगलवार को हुए बदलाव को लेकर बगावत शुरू हो गई है। विवाद जनसंपर्क संचालक की नियुक्ति को लेकर खड़ा हुआ है। छत्तीसगढ़ जनसंपर्क अधिकारी संघ ने मुख्य सचिव को ज्ञापन देकर इस पद स्थापनाओं का विरोध किया है। संघ का आरोप है कि पद स्थापना नियम विस्र्द्ध है। मुख्य सचिव को दिए अपने ज्ञापन में संघ ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा संवर्ग के संचालक पद पर राज्य प्रशासनिक सेवा के कनिष्ठ अधिकारी की पदस्थापना न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि अपमानजनक भी है। पद स्थापना में जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों की वरिष्ठता की उपेक्षा की गई है। संघ ने फैसला बदलकर जनसंपर्क के वरिष्ठ अधिकारी को संचालक बनाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि मांग पूरी न होने पर 11 अक्टूबर को विरोध स्वरूप काली पट्टी बांधकर काम किया जाएगा। इसके बाद 12 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन कलम बंद हड़ताल की जाएगी।

मुख्य सचिव को दिए ज्ञापन में कहा गया है कि जनसंपर्क संचालनालय में मंगलवार को संचालक पद पर राज्य प्रशासनिक सेवा के कनिष्ठ अधिकारी की पदस्थापना की गई है। इससे राज्य के सभी जनसंपर्क अधिकारी निराश और क्षुब्ध हैं। अधिकारी अपमानित महसूस कर रहे हैं। पिछले लगभग तीन वर्षों से राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन, राज्य सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों और उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार के लिये रात-दिन एक किए हैं। जनसंपर्क विभाग में अपर संचालक एवं संयुक्त संचालक संवर्ग सहित लगभग 20 वरिष्ठ अधिकारी अविभाजित मध्य प्रदेश के समय के हैं। ये अधिकारी मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग से वर्ष 1990 से लेकर 1996 के दौरान चयनित हुए हैं। ऐसी स्थिति में विभाग के अधिकारियों की वरिष्ठता एवं उनके अनुभव को अनदेखा कर राज्य प्रशासनिक सेवा संवर्ग के कनिष्ठ अधिकारी को संचालक बनाया जाना निराशाजनक है। अपने से अत्यंत कनिष्ठ और अन्य समान सेवा के अधीन काम करने से कार्य संपादन में व्यावहारिक दिक्कतें आएंगी। इसके अलावा विभागीय अधिकारियों का उत्साह भी कम होगा। संगठन ने ज्ञापन में कहा है कि मुख्यमंत्री हमारे विभाग के मंत्री भी हैं। हमारे हितों के संरक्षक भी हैं। उम्मीद है कि व्यापक लोक हित में वो इस निर्णय को परिवर्तन करेंगे।

ज्ञापन में याद दिलाया गया कि जनसंपर्क अधिकारी संघ ने 25 अगस्त को भी जनसंपर्क विभाग के आयुक्त सह संचालक को पत्र दिया था। इसमें विभाग तथा सहयोगी संस्था छत्तीसगढ़ संवाद में की जा रही नियम-विरुद्ध पदस्थापनाओं के संबंध में ध्यान आकर्षित करते हुए विरोध किया था। इस पत्र की प्रतियां मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, सचिव जनसंपर्क विभाग और मुख्य कार्यपालन अधिकारी छत्तीसगढ़ संवाद को भी दी गई थी। इस पत्र को मुख्यमंत्री के सचिवालय ने संज्ञान में लेकर सचिव, जनसंपर्क विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को आवश्यक कार्यवाही करने के लिए कहा था। बावजूद इसके पुन: नियम विरुद्ध नियुक्तियां की गईं हैं।

ज्ञापन में मांग की गई कि संचालक जनसंपर्क के पद पर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी की नियुक्ति के स्थान पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को पदस्थ किया जाए। इसके अलावा छत्तीसगढ़ संवाद में जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों की प्रतिनियुक्तियों के पदों पर राज्य प्रशासनिक सेवा एवं अन्य संवर्ग के अधिकारियों के स्थान पर पूर्व में लिए गए मंत्रिपरिषद के फैसले के अनुरूप जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों की ही पदस्थापना की जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर जनसंपर्क अधिकारी संघ द्वारा प्रदेशभर में सार्वजनिक रूप से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके तहत 11 अक्टूबर को संचालनालय एवं जिला जनसंपर्क कार्यालयों में काली-पट्टी लगाकर काम किया जाएगा। इसके बाद 12 अक्टूबर से अनिश्चितकाल के लिए कलम-बंद हड़ताल की जाएगी।

Gyapan

सौमिल चौबे को किया गया है संचालक के पद पर नियुक्त
सरकार ने मंगलवार को जनसंपर्क संचालक के पद पर सौमिल चौबे को नियुक्त किया है। सौमिल इससे पहले संवाद के एडिशनल सीईओ बनाए गए थे। सौमिल मृदुभाषी और सीधे सपाट अफसर के रूप में जाने जाते हैं।
(TNS)