भविष्य में बेहतर शैक्षिक परिदृश्य बनाने के लिए सुझावों का विश्लेषण कर बनेगी रणनीति : टेकाम

रायपुर। जवाहर लाल नेहरू शिक्षा समागम का समापन हो गया है। दो दिवसीय इस कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि राज्य में जिलों के शिक्षक और छात्रों ने भी कोरोना महामारी के दौरान शिक्षा के लिए प्रशंसनीय पहल कर कई नवाचारी गतिविधियां की हैं। यहां अन्य राज्यों की शैक्षणिक गतिविधियां को साझा किया गया। भविष्य में विभागीय योजनाओं एवं गतिविधियों का प्रभावी संचालन एवं क्रियान्वयन इन सुझावों का विश्लेषण कर संभव हो सकेगा।

कार्यशाला में पैनल एक्सपर्ट के द्वारा विचार विमर्श कर विभिन्न सुझाव भी दिए गए। विभिन्न सत्रों में में विशेषज्ञों से मिले सुझावों का विश्लेषण कर उनके परिणामों के आधार पर योजना और रणनीति तैयार की जाएगी। ऐसा करके छत्तीसगढ़ में छात्रों के लिए भविष्य में बेहतर शैक्षिक परिदृश्य बनाने की मंशा है। बताते चलें कि जवाहरलाल नेहरू शिक्षा समागम में शामिल हुए 27 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेश के शिक्षाविद एवं शिक्षकों ने अपने राज्य के किए गए उत्कृष्ट नवाचारों के बारे में राष्ट्रीय शिक्षा समागम में जानकारी दी।

दो दिवसीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के नवाचारी शिक्षकों ने भी नवाचारी गतिविधियों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में अन्य राज्यों से आये अतिथि एवं शिक्षाविदों ने कहा कि छत्तीसगढ़ द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा समागम का प्रशंसनीय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हम सबको एक साथ अपने अपने विचारों को साझा करने का अवसर मिला। जिससे एक दूसरे राज्य के शिक्षकों की नवाचारी गतिविधियां सीखने और समझने को मिलती रहेगी।

प्रमुख स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने कहा छत्तीसगढ़ के शिक्षकों ने काफी सहयोग किया है। सबने दो दिन विचार विमर्श किया, शिक्षा में हम ऐसी गतिविधियां का संचालन कर सके जिससे बच्चों को आवश्यकता की पूर्ति संभव हो सके। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने कहा कि दो दिन का राष्ट्रीय शिक्षा समागम कार्यक्रम सभी की सहभागिता से सफल हो सका है। समारोह को राज्य योजना आयोग की शिक्षा सलाहकार मिताक्षरा कुमारी ने भी संबोधित किया।

पंडित जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शिक्षा समागम के समापन कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि रुक्मिणी बेनर्जी सीईओ प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन, यामिनी अय्यर अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च, डॉ. धीर झिंगरन संस्थापक निदेशक लेंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन, मिताक्षरी कुमारी शिक्षा सलाहकार राज्य योजना आयोग, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग डॉ. आलोक शुक्ला, शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, संयुक्त सचिव राजेश सिंह राणा, समग्र शिक्षा के प्रबंध निदेशक नरेंद्र कुमार दुग्गा उपस्थित थे। कार्यक्रम में अन्य राज्य और छत्तीसगढ़ से शिरकत करने वाले सभी शिक्षाविद एवं शिक्षकों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।