पीलालाल पाल को दोनों आंखों से बिल्कुल नहीं दिखता पर उनकी कारीगरी के कायल है सब

भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत दिव्यांग पीलालाल पाल को दोनों आंखों से बिल्कुल दिखाई नहीं देता, लेकिन उनकी काम की लगन से सब मुरीद है। दोनों आंखें नहीं होने के बाद भी पीलालाल कुर्सी को तांत की रस्सी से बहुत तेजी के साथ बिन लेते है। पीलालाल की इसी लगन का सम्मान करते हुए अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर भिलाई इस्पात संयंत्र अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति नि:शक्त महिला एवं अन्य पिछड़ा वर्ग एसोसिएशन के तत्वावधान में उनका सम्मान किया गया।

इसके साथ अनुभाग अधिकारी श्रीमती टी. शांति ने अपने दोनों पैर पर नकली पैर से भी ड्यूटी समय पर आकर आफिस कार्य को बहुत अच्छे से करने की सराहना की गई है। आयोजन में कुल 17 दिव्याग कार्मिकों को विभागीय अधिकारी की उपस्थिति में शाल श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेल भिलाई इस्पात संयंत्र टाउनशिप सिविल विभाग के एजीएम बसंत साहू ने संयंत्र में कार्यरत दिव्यांग कर्मियों की सराहना की।

कार्यक्रम में एसोसिएशन के अध्यक्ष आरडी कोरी ने सभी 17 कार्मिकों को ढेर सारी शुभकामनाए दी और कहा कि आज सेल भिलाई इस्पात संयंत्र देश में सर्वश्रेष्ठ है। इस अवसर पर विशेष रूप से कार्मिक उपस्थित होकर सम्मान पाने वाले कार्मिक एवं समाज सेवी श्री प्रशांत कुमार क्षीरसागर, डॉ पन्नालाल मैरिसा, संतोष कुमार वर्मा, लक्ष्मीकांत शिर्के, हरीश कोसरे, बी कोरलैया, समीर जोशी, अभिषेख जोशी, रवि, लखेंद्र साहू, शंकर दास, सतीशचंद, नेहा, प्रेरणा मेश्राम,रोहित कुमार वर्मा, नंदेश, सुखीराम देवांगन, अजय डागा, रेखा शर्मा, मनहरन, श्रीमती इंदिरा, जुगलू, टेमस इत्यादि शामिल है।