वर्दी पर भरोसे की तस्वीर : नक्सल इलाके में जवानों के साथ हिरण की गश्त

हिरण का वह बच्चा अब कैंप को ही घर और जवानों को ही अपना परिवार (family) मान बैठा है। हिरण का वह बच्चा (childhood) अब बड़ा हो गया है। वह कैंप और जवानों का साथ छोड़कर कहीं नहीं जाता। यहां तक कि जवान जब गश्त पर निकलते हैं तो वह भी पूरे समय उनके साथ-साथ चलता है।

सुकमा (Sukma)। आमतौर पर हिरण (deer roaming) मनुष्यों से दूर ही रहते हैं। कभी किसी हिरण के पास जाने का प्रयास भी करो, तो वे उछलकर दौड़ लगा देते हैं। ऐसे में अगर किसी हिरण का मानव के पास स्वतः आना हो जाए, तो यह निश्चिततौर पर आश्चर्य में डाल देगा। ऐसा ही चौंकाने वाला वीडियो राज्य के धुर नक्सल इलाके (Naxal area)  से सामने आया है। यहां एक हिरण जंगल (forest) में गश्त कर रहे एसएसबी के जवानों (SSB jawans) के साथ चल रहा है। मानो वह भी गश्त (patrol) पर निकला हो।

सुकमा के नक्सल प्रभावित इलाके (Naxal area) में पिछले दिनों डिस्टिक रिजर्व गार्ड (DRG) के जवान जंगल के गश्त पर निकले थे कि इसी बीच अचानक एक हिरण (deer roaming) जवानों की टीम के पास बिना किसी हिचक के पहुंच गया। इस दौरान जवानों ने उन्हें सहलाया तो शांत खड़ा रहा। जब जवान आगे बढ़े, तो हिरण (deer) भी उनके साथ हो लिया।

इस दृश्य को DRG के एक जवान ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। इस समय जब जवान आगे बढ़े तो हिरण (deer roaming) भी साथ चलने लगा। वीडियो के इस दृश्य से ऐसा लग रहा है कि हिरण कह रहा को कि इन्हीं की सुरक्षा में हम सब सुरक्षित (Safe) हैं।

इस हालत में मिला था हिरण
पिछले दो दशकों से बस्तर (Bastar) में नक्सलियों को खदेड़ने (expel the naxalites) की कवायद जारी है। सुरक्षा बलों की बड़ी संख्या यहां के ग्रामीण इलाकों के साथ जंगलों में तैनात है। सुरक्षाबलों (soldiers) का जगलों में लगातार सर्च आपरेशन चलता रहता है। इसी के तहत सुकमा जिले (Sukma District) के किस्टाराम इलाके (Kistaram locality) में भी सुरक्षाबलों की एक टुकड़ी है। ये टुकड़ी एक बार गश्त (patrol in forests) पर निकली थी, तो जवानों ने देखा कि हिरण का एक बच्चा अकेले हैरान-परेशान सा भटक रहा है। उसकी हालत देखकर जवानों को उस पर दया आ गई। जवानों ने उसे वहीं पर भोजन-पानी दिया और आगे बढ़ गए। जिस हिरण का अब वीडियो वायरल हो रहा है, वो वही हिरण है जिसकी जवानों ने कभी देखभाल की थी।

गश्त से लौटे तो कैंप तक पहुंच गया हिरण
जवानों के अनुसार उसके कुछ देर बाद जवानों ने देखा कि हिरण उनके पीछे-पीछे चला आ रहा है। जवान भी जंगल में सजगता के चलते उसकी ओर ज्यादा ध्यान नहीं दे पा रहे थे। उसके बाद जब जवान अपने कैंप में वापस लौटे तो पाया कि हिरण उनके पीछे-पीछे कैंप (camp) तक चला आया है।

जैसे ही गश्त पर निकलते हैं वह भी चलने लगता है
हिरण का वह बच्चा अब कैंप को ही घर और जवानों को ही अपना परिवार (family) मान बैठा है। हिरण का वह बच्चा (childhood) अब बड़ा हो गया है। वह कैंप और जवानों का साथ छोड़कर कहीं नहीं जाता। यहां तक कि जवान जब गश्त पर निकलते हैं तो वह भी पूरे समय उनके साथ-साथ चलता है। अब तो जवान भी उसका पूरा ख्याल रखते हैं।

कई बार जंगल में छोड़ा पर वापस लौट आया
जवान बताते हैं उन्होंने कई बार उसे जंगल में छोड़ा (left in the woods) भी, लेकिन वह फिर लौटकर कैंप में आ जाता है। अब हिरण किस्टाराम कैंप के जवानों के जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। हाल ही में कुछ जवानों ने गश्त के दौरान हिरण के साथ चलने का वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो कि अब तेजी से वायरल हो रहा है।

बेहद संवेदनशील होता है हिरण
बता दें कि हिरण (deer roaming) स्वभाव से बेहद ही संवेदनशील, शर्मीला और उन्मुक्त, स्वच्छंद जीवन शैली पसंद जानवर है। जंगल में हल्की सी भी आवाज आए, तो वे चौकन्ना हो जाते हैं। उनके कान खड़े हो जाते हैं। जैसे ही आवाज उनके पास आने लगती है, तो वे तत्काल उछलकर दूर तक दौड़ लगा देते हैं।

(TNS)