हमारी सरकार की योजनाएं लोगों के सपनों को पूरा करने में सहायक बन रही : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा हमारी सरकार का उद्देश्य किसी एक क्षेत्र में ही विकास करना नहीं है, बल्कि जिस तरह के एक घर बनाने के लिए पूरी प्लानिंग होती है वैसे ही सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से चहुमुंखी विकास की दिशा में सभी क्षेत्रों में समन्वित प्रयास किया। उन्होंने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ की पहचान नक्सलगढ़ के रूप में होती रही है, लेकिन प्रदेश के सभी लोगों ने मिलकर बहुत कम समय में नयी पहचान दिलाने का काम किया।

रायपुर (raipur)। मुख्यमंत्री (chief minister) भूपेश बघेल को देश में सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री चुने जाने पर क्रेडाई छत्तीसगढ़ (CREDAI CHHATTISGARH) ने सम्मान समारोह (honor ceremony) का आयोजन किया। जहां क्रेडाई के पदाधिकारियों ने उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री बघेल ने कहा मैं मानता हूं कि किसी भी सरकार का काम सिर्फ राजस्व में वृद्धि करना नहीं है, बल्कि जनता के सपनों को पूरा करना होना चाहिए।

समारोह में सीएम बघेल ने आगे कहा जब छत्तीसगढ़ में नयी सरकार बनी तो शुरुआत दौर के कई महत्वपूर्ण फैसलों में एक जमीन के लिए जारी होने वाले कलेक्टर गाइडलाइन की दरों में वृद्धि न करने का था। इस निर्णय पर लोगों को लगा था कि इससे सरकार के राजस्व में नुकसान होगा, लेकिन मुझे पूरा विश्वास था कि इससे सभी वर्ग को लाभ होगा और नतीजा आज सामने है। तीन साल में हमने गाइडलाइन में वृद्धि नहीं की, बल्कि कई तरह की सुविधाओं में इजाफा किया।

राष्ट्रपति के हाथों सम्मान जनता की जागरूकता का परिणाम
बघेल ने कहा इस निर्णय से रियल इस्टेट डेवलपर्स, बिल्डर्स सहित अपना आशियाना बनाने का सपना देखने वाले आम लोगों को बड़ी राहत मिली। क्रेडाई की ओर से रायपुर के निजी होटल में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री बघेल ने आगे कहा कि स्वच्छतम प्रदेश के रूप में छत्तीसगढ़ को हाल ही में राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कृत किया गया। यह उपलब्धि एक बार की नहीं है, बल्कि लगातार तीसरी बार छत्तीसगढ़ स्वच्छतम प्रदेश चुना गया है। यह प्रदेश की जनता के सहयोग और जागरूकता से संभव हो पाया है। वहीं जब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री घोषित किया जाता है तो इसका मतलब होता है कि पूरे प्रदेश के नागरिकों ने अपने प्रदेश के विकास के लिए एकजुट होकर, पूरी लगन और पूरी क्षमता के साथ काम किया।

कम समय में छत्तीसगढ़ को मिली नयी पहचान
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा हमारी सरकार का उद्देश्य किसी एक क्षेत्र में ही विकास करना नहीं है, बल्कि जिस तरह के एक घर बनाने के लिए पूरी प्लानिंग होती है वैसे ही सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से चहुमुंखी विकास की दिशा में सभी क्षेत्रों में समन्वित प्रयास किया। उन्होंने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ की पहचान नक्सलगढ़ के रूप में होती रही है, लेकिन प्रदेश के सभी लोगों ने मिलकर बहुत कम समय में नयी पहचान दिलाने का काम किया। इसके लिए राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव हो या किसानों की कर्ज माफी जैसे काम सरकार ने किए।

केवल गांव नहीं शहरों को भी मिली नई पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा पहले उन्हें लेकर लोगों की मानसिकता थी कि वे सिर्फ गांव और ग्रामीणों के बारे में सोचते हैं लेकिन अब चेम्बर आफ कामर्स जैसी संस्था ने भी मान लिया है कि हमारी सरकार ने गांव से लेकर शहरी क्षेत्रों में अपनी योजनाओं के जरिए आम लोगों के जेब में पैसा डालने का काम किया है, जिससे व्यापारिक वर्ग को भी लाभ पहुंचा है।

कोरोना काल में भी रोजगार दिया
मुख्ममंत्री बघेल ने कहा कि, जब कोरोना काल में पूरी दुनिया और देश के कई राज्यों में काम बंद थे। सभी की अर्थव्यवस्था बिगड़ी थी, तब हमारी सरकार ने आम जनता खासतौर से गरीब, मजदूर वर्ग की आवश्यकता को समझते हुए मनरेगा का काम चालू रखा। लोगों की जेब में पैसा बचा जो रियल एस्टेट में इन्वेस्ट हुआ और मध्यम वर्ग तथा गरीब वर्ग के लोगों ने भी अपने घर के सपने को पूरा किया।

डायवर्सन प्रक्रिया में भी सरलीकरण किया
उन्होंने कहा गाइडलाइन की दरों में कमी से रियल एस्टेट में इन्वेस्टमेंट बढ़ा है। सरकार ने 75 लाख रुपए तक के मकानों की बिक्री पर पंजीयन शुल्क घटाकर 2 फीसदी किए जाने से रियल एस्टेट सेक्टर को लाभ हुआ। लेआउट पास करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था लागू की गई। इसके लिए 100 दिन का लक्ष्य रखा गया है, हालांकि अभी इसमें करीब 180 दिन लग रहे हैं, लेकिन इसे जल्द 100 दिन में करने पर काम होगा। डायवर्सन प्रक्रिया में भी सरलीकरण किया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ नगरीय प्रशासन मंत्री डा. शिवकुमार डहरिया, नान के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, विधायक सत्यनारायण शर्मा, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष महेन्द्र छाबड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, रायपुर नगर निगम के महापौर एजाज ढेबर, रायपुर नगर निगम के सभापति प्रमोद दुबे, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, कलेक्टर सौरभ कुमार, क्रेडाई के संरक्षक अरूण सिंघानिया, क्रेडाई के उपाध्यक्ष रमेश राव और सचिव संजय रहेजा, आनंद सिघानिया आदि मौजूद थे।

(TNS)