निकाय चुनावः बस कुछ घंटे ही एड़ी-चोटी का जोर, रात 12 बजे से थम जाएगा प्रचार का शोर

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया निर्वाचन क्षेत्र में मतदान समाप्ति के पूर्व 18 दिसम्बर की शाम 5 बजे से 20 दिसंबर को मतदान समाप्ति तक तथा मतगणना के दिन 23 दिसंबर को पूरे दिन शराब दुकानें बंद रखी जाएंगी। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 135 ग के अनुसार निर्वाचन क्षेत्र में मतदान समाप्त होने के 48 घंटे पहले से यह प्रतिबंध रहेगा।

 

भिलाई। छत्तीसगढ़ में निकाय चुनाव का शोर बस कुछ घंटे में थम जाएगा। रात 12 बजे के बाद प्रत्याशी केवल डोर टू डोर संपर्क ही कर पाएंगे। इधर प्रत्याशी अपने चुनावी वादे के साथ पर्ची का घर-घर वितरण भी आज ही खत्म कर देंगे।

बता दें कि प्रदेश में 15 नगरीय निकायों में चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। निकायों में 20 दिसम्बर को मतदान होना है। इसके तहत 18 दिसंबर की रात 12 बजे तक प्रचार-प्रसार की अनुमति है। वहीं रात 12 बजे से चुनाव प्रचार पूरी तरह से थम जाएगा। चुनावी रैली, आम सभा के आयोजन पूरी तरह से प्रतिबंधित हो जाएगा। इधर लाउडस्पीकर के साथ प्रचार-प्रसार आज की रात 10 बजे तक चलेगा।

कलक्टरों को निर्देश जारी
बता दें कि 20 दिसम्बर को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होना है। राज्य निर्वाचन आयुक्त ठाकुर राम सिंह से मिली जानकारी अनुसार चुनाव संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश सभी संबंधित जिलों के कलेक्टरों को जारी कर दिए गए हैं।

मदिरा दुकानें 48 घंटे पहले से रहेंगी बंद
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में मतदान समाप्ति के पूर्व 18 दिसम्बर की शाम 5 बजे से 20 दिसंबर को मतदान समाप्ति तक तथा मतगणना के दिन 23 दिसंबर को पूरे दिन शराब दुकानें बंद रखी जाएंगी। उन्होंने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 135 ग के अनुसार निर्वाचन क्षेत्र में मतदान समाप्त होने के 48 घंटे पहले से यह प्रतिबंध रहेगा। इस दौरान मतदान क्षेत्र के भीतर किसी होटल, क्लब, रेस्टोरेंट, भोजनालय, दुकान सहित किसी भी सार्वजनिक स्थल अथवा निजी स्थल में भी किसी भी प्रकार का मादक पदार्थ बेचने अथवा परोसने पर प्रतिबंध रहेगा।

शुष्क दिवस की घोषणा
निर्वाचन आयोग के अनुसार बीजापुर, रायपुर, कांकेर, दुर्ग, राजनांदगांव, बेमेतरा, कोरिया, सूरजपुर, सुकमा, रायगढ़, कोण्डागांव, बिलासपुर, महासमुंद, और धमतरी के निर्वाचन क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 24 की उपधारा 1 के तहत 18 दिसम्बर की शाम 5 बजे से शुष्क दिवस की घोषणा की जाए।

मतदान के लिए मिलेगा अवकाश
कारखाना अधिनियम 1948 तथा दुकान एवं स्थापना अधिनियम अंतर्गत आने वाले कारखानों में कार्यरत श्रमिकों एवं कर्मचारियों के लिए मतदान दिवस पर अवकाश रहेगा। परन्तु ऐसे कारखाने जो सप्ताह में सातों दिन कार्य करते है वहां प्रथम पाली के श्रमिकों को मतदान के लिए दो-दो घंटे का अवकाश दिया जाएगा तथा जो कारखाने निरंतर प्रक्रिया के अन्तर्गत आते हैं, उनमें काम करने वाले श्रमिकों को बारी-बारी से मतदान की सुविधा देने के निर्देश जारी किए गए हैं।

शासकीय कार्यालयों में अवकाश
नगर पालिकाओं के आम एवं उप निर्वाचन के दौरान ऐसे सभी नगरीय निकाय जहां 20 दिसम्बर को मतदान होने हैं उन सभी निर्वाचन क्षेत्रों में सामान्य अवकाश की घोषणा की गई है।

संक्रमित की अलग व्यवस्था
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्देश जारी किया गया है कि मतदान तिथि के 03 दिन पहले संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के कोविड-19 संक्रमित मरीजों की सूची स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त कर लें। प्राप्त सूची के मरीजों को वार्ड एवं मतदान केन्द्र अनुसार सूचीबद्ध करने के साथ इन सभी मरीजों को कोविड-19 प्रोटोकॉल के साथ मतदान करने की प्रक्रिया के बारे में बताने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ऐसे सभी संक्रमित मरीजों की सूची संबंधित सेक्टर अधिकारी एवं पीठासीन अधिकारी को सामग्री वितरण स्थल पर ही उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिये गये हैं।

पीपीई किट की व्यवस्था स्वयं करेंगे
उल्लेखनीय है कि यदि कोई कोविड-19 संक्रमित मरीज मतदान करना चाहता है तो उसे पीपीई किट में मतदान समाप्ति के एक घंटे पूर्व उपस्थित होना होगा तथा पीपीई किट की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। ऐसे सभी मतदान केंद्र जहां कोविड-19 संक्रमित व्यक्ति मतदान करने वाला है वहां के पूरे मतदान दल और सेक्टर अधिकारी को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा पीपीई किट एवं समस्त सुरक्षा सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही ऐसे मतदान केन्द्र पर विशेष रूप से स्वास्थ्य विभाग की एक पृथक टीम तैनात रहेगी, जो कोविड-19 प्रोटोकाल के तहत मतदान की प्रक्रिया सम्पन्न कराएगी।

(TNS)