राजकीय परिवार में शोकः अंतिम दर्शनों के लिए उमड़ी भीड़ः कमल विलास पैलेस से शिव मंदिर तक अंतिम यात्रा

कमल विलास पैलेस में उनके अंतिम दर्शन के लिए भीड़ उमड़ी हुई है। देवव्रत सिंह को पंचतत्व में विलीन करने की तैयारी चल रही है। उनकी अंतिम यात्रा शहर भ्रमण कर स्थानीय प्राचीन शिव मंदिर पहुंचेगी, जहां उनका अंतिम संस्कार होगा।

खैरागढ़ (Khairagarh)। राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ विधानसभा (Assembly) से चार बार के विधायक व राजनांदगांव (Rajandgaon) लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहे देवव्रत सिंह के निधन से पूरा क्षेत्र शोकमय है। उनकी अंति यात्रा की तैयारी पूरी हो चुकी है। उनकी अंतिम यात्रा (last journey) में शामिल होने परिजन के साथ पूरे प्रदेश से समर्थक, राजनीतिक पार्टियों के नेता, मित्र पहुंचे हुए हैं।

प्राचीन शिव मंदिर होगा अंतिम संस्कार
कमल विलास पैलेस में उनके अंतिम दर्शन के लिए भीड़ उमड़ी हुई है। खैरागढ़ राजपरिवार (Royal Family) के देवव्रत सिंह के केवल 52 साल की उम्र में आकस्मिक निधन से सब स्तब्ध हैं। देवव्रत सिंह को पंचतत्व में विलीन करने की तैयारी चल रही है। उनकी अंतिम यात्रा शहर भ्रमण कर स्थानीय प्राचीन शिव मंदिर पहुंचेगी, जहां उनका अंतिम संस्कार होगा। श्रद्धांजलि देने प्रदेश भर से तमाम लोगों का खैरागढ़ आगमन हुआ है। इस दौरान प्रमुख रूप से मंत्री कवासी लखमा, अमित जोगी, मंत्री रविंद्र चौबे के भी पहुंचने की खबर है।

आया था हार्ट अटैक, रात 2.30 बजे हुआ निधन
बता दें कि विधायक देवव्रत सिंह की हार्ट अटैक से मौत हो गई है। खैरागढ़ के राजपरिवार से ताल्लुक रखने वाले राजनांदगांव से सांसद रह चुके देवव्रत के सीने में दर्द होने पर उन्हें खैरागढ़ अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रात 2.30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

कम उम्र में बनाई थी अलग पहचान

बताया जा रहा है कि 52 वर्षीय विधायक सिंह के सीने में तकलीफ होने के बाद उन्हें देर रात जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया था। छत्तीसगढ़ की सियासत में काफी कम उम्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाले नेता देवव्रत सिंह खैरागढ़ विधानसभा सीट से चार बार विधायक चुने गए थे। इसके अलावा वे राजनांदगांव लोकसभा सीट से सांसद भी निर्वाचित हुए थे। उनकी कार्यक्षमता को देखते हुए उन्हें एफसीआई (भारतीय खाद्य निगम) के अध्यक्ष की भी जिम्मेदारी दी गई थी।

राजकीय सम्मान से होगा अंतिम संस्कार

मुख्यमंत्री (Chief Minister) भूपेश बघेल ने विधायक और पूर्व सांसद देवव्रतके आकस्मिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने एक ऊर्जावान और लोकप्रिय जनप्रतिनिधि को खो दिया है। श्री सिंह का कम उम्र में निधन प्रदेश की राजनीति को अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री बघेल ने श्री देवव्रत सिंह का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान (state honor) के साथ करने के निर्देश दिए हैं।
(TNS)