दिल्ली पहुंचे दर्जन भर से ज्यादा विधायक, छत्तीसगढ़ में धुक-धुक


फिर होने लगी सीएम बदलने की चर्चा, विधायक करेंगे पुनिया से मुलाकात, राहुल से मिलने का भी होगा प्रयास

तीरंदाज, रायपुर। कांग्रेस के दर्जन भर से ज्यादा विधायकों के बुधवार को अचानक दिल्ली रवाना होने से एक बार फिर छत्तीसगढ़ का सीएम बदलने की चर्चा शुरू हो गई है। विधायकों के इस दल का नेतृत्व रामानुजगंज से विधायक बृहस्पत सिंह कर रहे हैं। सूचना मिल रही है कि दिल्ली पहुंचे विधायक पहले छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के प्रबारी पीएल पूनिया से मिलेंगे और इसके बाद राहुल गांधी से मिलने का प्रयास किया जाएगा। सीएम बदलने की चर्चा के बीच स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने विधायकों की दिल्ली यात्रा पर डिप्लोमेटिक बयान दिया कि पार्टी के मुखिया नेताओं से मिलते रहते हैं।

सीएम बदलने की चर्चा के बीच विधायक बृहस्पत सिंह ने दिल्ली में कहा कि सीएम बदलने जैसा कुछ नहीं है। भूपेश बघेल के नेतृत्व में सरकार अच्छी चल रही है और उनके नेतृत्व में 25 सालों तक सरकार चलेगी। वैसे भी कांग्रेस के 60 विधायकों ने लिखित में भूपेश बघेल के नेतृत्व को स्वीकारते हुए अपना समर्थन दिया है। उनसे दिल्ली आने का कारण पूछने पर बताया कि वे राज्य में हो रहे कार्यों और राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने आए हैं। प्रयास होगा कि राहुल गांधी या पार्टी हाईकमान से भी मुलाकात हो जाए। पंजाब में नवजोत सिंह सिद्धू की गुगली के बाद पार्टी भौचक है। सिद्धू के इस्तीफे के बाद छत्तीसगढ़ में भी तमाम तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं हैं।

दिल्ली गए विधायक
दिल्ली जाने वाले विधायकों में बृहस्पति सिंह, विकास उपाध्याय, विकास उपाध्याय, यूडी मिंज, रामकुमार यादव, मोहित केरकेट्टा, प्रकाश नायक, चंद्रदेव राय, गुरुदयाल बंजारे, द्वारिकाधीश यादव, गुलाब कमरों, पुरुषोत्तम कंवर, विनय जायसवाल के नाम अब तक सामने आए हैं। इसके अलावा कुछ और विधायकों के दिल्ली पहुंचने की सूचना मिल रही है।

बृहस्पत ने ही लगाया था बाबा के भतीजे पर हमले का आरोप
बृहस्पत सिंह वही विधायक हैं, जिन्होंने स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के भतीजे पर हमले का आरोप लगाया था। इस पर खासा बवाल मचा था। बृहस्पत के आरोपों पर सरकार की चुप्पी से सिंहदेव इतने नाराज हुए थे कि उन्होंने विधानसभा की बैठक को छोड़ दिया था। बाद में बृहस्पत ने अपने आरोपों को वापस ले लिया था।