8 दिसंबर को रायपुर में भगवान श्री राम-सीता का भव्य विवाह होगा, 56 भोग का प्रसाद बंटेगा

विवाह के दिन श्री राम की मूर्ति को दुल्हन के रूप में और सीता की मूर्ति को दुल्हन के रूप में सजाया जाएगा।

रायपुर। हिंदू संवत्सर की शुभ शुक्ल पंचमी तिथि आठ दिसंबर को भगवान श्री राम-सीता विवाह पर्व राजधानी रायपुर में धूमधाम से मनाया जाएगा। इसके लिए पुरानी बस्ती के गोपीदास मठ में मेहंदी, हल्दी लगाने की रस्म निभाई जा रही है। साथ ही शादी की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। विवाह के दिन श्री राम की मूर्ति को दुल्हन के रूप में और सीता की मूर्ति को दुल्हन के रूप में सजाया जाएगा। शादी के बाद बाराती और घराती में मालपुआ, गुलाब जामुन, जलेबी, कचौरी, बूंदी, सेव, लड्डू, पकौड़ी, पूरी, सब्जी, पुलाब आदि 56 तरह के व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा।

गोपीदास मठ के महंत राजीवनयन शरण महाराज ने बताया कि श्रद्धालुओं को विभिन्न व्यंजनों के साथ 56 भोग प्रसाद भी बांटे जाएंगे। मंगलवार को 56 भोग के लिए विभिन्न व्यंजनों की तैयारी शुरू की जाएगी साथ ही भक्तों के घर से भोग लगाने के लिए लाए गए पकवानों को भी प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा। उम्मीद है कि शादी के बाद भोज प्रसादी में दो हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं के शामिल होंगे।

शादी समारोह में शामिल होने के लिए लाहौर चौक, जैतुसव मठ, बनिया पारा, पुरानी बस्ती के विभिन्न इलाकों में निमंत्रण पत्र बांटे गए हैं। बुधवार सुबह हवन, पूजन, महाआरती होगी और दोपहर 12 बजे दूल्हा-दुल्हन के श्रृंगार दर्शन होंगे। दोपहर एक बजे से चार बजे तक भोजन प्रसादी का आयोजन किया गया है।