ठेकेदार की लापरवाही से बड़ी वारदातः माओवादियों के क्षेत्र में बिना सूचना के चल रहा था निर्माण काम

पुलिस के अनुसार घटना में ठेकेदार की लापरवाही सामने आई है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के बाद भी ठेकेदार ने सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया। पुलिस विभाग के मुताबिक ऐसे स्थानों पर काम करने वाले ठेकेदारों को सर्वप्रथम नजदीकी थाना क्षेत्र को सूचना देनी चाहिए।

गरियाबंद। जिले में हथियारबंद नक्सलियों ने लंबे समय बाद बड़ी घटना को अंजाम दिया है। मौके पर पहुंचे और तकरीबन आधा दर्जन वाहनों को आग के हवाले कर दिया।

अमलीपदर थानाक्षेत्र के पीपलखूंटा गांव में वारदात को अंजाम देने में सफल हुए हैं। इस घटना से लंबे समय के बाद जिले में नक्सलियों की धमक बुधवार को सुनवाई दी है। इस दौरान वे करोड़ों के वाहनों को आग लगा दी। जानकारी के मुताबिक हथियारबंद नक्सली बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे थे। इस घटना से करोड़ों का नुकसान हुआ है।

सभी वाहन एक ठेकेदार के बताए जा रहे हैं, जो सिंचाई विभाग के सरकारी काम में लगे हुए थे। पुलिस अधीक्षक जेआर ठाकुर ने नक्सली वारदात होने की पुष्टि की है।

सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया
पुलिस के अनुसार घटना में ठेकेदार की लापरवाही सामने आई है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के बाद भी ठेकेदार ने सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया। पुलिस विभाग के मुताबिक ऐसे स्थानों पर काम करने वाले ठेकेदारों को सर्वप्रथम नजदीकी थाना क्षेत्र को सूचना देनी चाहिए। बता दें कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र में शासकीय कामों के लिए कई तरह की सावधानी रखनी पड़ती है। काम शुरू करने से पहले संबंधित फर्म को पुलिस थाने व क्षेत्र में लगे मिलेट्री कैंपों को सूचना देना होता है जिससे कि काम करने वाली संस्था को सुरक्षा मुहैया कराया जा सके।

पुलिस थाना या मिलेट्री कैम्प में रखना था वाहन
पुलिस का मामले में कहना है कि इस ओर ध्यान देेने के अलावा प्रतिदिन काम समाप्त करने के बाद शाम को अपने वाहन और मशीनरी नजदीकी पुलिस थाना या मिलेट्री कैम्प में रखनी चाहिए। ताकि नक्सली ऐसी किसी घटना को अंजाम न दे सके। ठेकेदार की इसी लापरवाही का फायदा उठाकर नक्सलियों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया।

जल्द ही शुरू करेंगे नक्सली ऑपरेशन
नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक जेआर ठाकुर ने कहा कि घटना अप्रत्याशित है। हालांकि उन्होंने जल्द ही जिले में बड़ी नक्सली ऑपरेशन शुरू करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब देने और जिले में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त रणनीति तैयार की जाएगी।

(TNS)