तेंदुए का आतंक : अब 45 वर्षीय महिला को बनाया शिकार, धड़ से अलग मिली गर्दन

जिला मुख्यालय के करीब 2 महीने में तेंदुए के हमले से 6 लोगों ने जान गंवा दी है। इसके पहले ग्राम पलेवा, भैंसाकट्टा, बनसागर, रिसेवाड़ा में तेंदुए ने लोगों को शिकार बना चुका है। इस वजह से ग्रामीण दहशत में हैं।

कांकेर। जिले (kanker district) में तेंदुए (leopard) का आतंक (panic) जारी है। तेंदुए ने अब एक 45 साल की महिला को शिकार बनाया है। तेंदुए के हमले में अब तक 6 लोगों की जान जा चुकी है। स्थिति ऐसी हो गई है कि ग्रामीण रतजगा कर रहे हैं।

जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर मुजालगोंदी गांव में तेंदुआ ने अब एक 45 वर्षीय महिला को अपना शिकार बनाया है। बीती रात तेंदुआ घर मे सो रही महिला को उठा कर ले गया। सुबह महिला की क्षत-विक्षत लाश घर के पास खेत की झाड़ी में पड़ी मिली। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।

बता दें कि जिला मुख्यालय के करीब 2 महीने में तेंदुए के हमले से 6 लोगों ने जान गंवा दी है। इसके पहले ग्राम पलेवा, भैंसाकट्टा, बनसागर, रिसेवाड़ा में तेंदुए ने लोगों को शिकार बना चुका है। इस वजह से ग्रामीण दहशत में हैं।

जानकारी अनुसार नरहरपुर परिक्षेत्र अंतर्गत मुजालगोंदी निवासी 45 वर्षी ललावती मंडावी अपने घर मे सो रही थी। घर गांव से थोड़ा अलग है। घर के आसपास झाड़ियां होने की वजह से तेंदुआ ने महिला को शिकार बना लिया।

अब तक इनकी गई जान
कांकेर में अब तक 6 लोगों की जान जा चुकी। 12 दिसंबर 2017- खमडोढ़गी में (65) वर्षीय वृद्ध महिला शन्नो हिचामी को खा गया। 22 दिसंबर 2017 बांसकुंड जंगल में दुकली (63) के दोनों हाथ व पैर ही मिले थे। 20 अगस्त 2021 को पलेवा में कमरे में सो रहे गाड़ाराम (70) को तेंदुआ ले गया। 7 सितंबर 2021 को भैंसाकट्टा में उर्मिला (35) की लाश झाड़ियों में क्षत-विक्षत मिली थी। 1 अक्टूबर 2021 को बनसागर में जंगल गई ईश्वरी (33) का एक हफ्ते बाद कंकाल मिला। 13 अक्टूबर 2021 को रिसेवाड़ा के मकान में सो रही परमिला (55) को तेंदुआ ले गया।
(TNS)