मचान, ट्री हाउस, नेचर ट्रेल, बर्ड वाचिंग अब महासमुंद और कांकेर में भी

रायपुर। पर्यटन के शौकीनों के लिए यह राहत भरी खबर है। अब छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के कोडार जलाशय में इको क्लब बनाया गया है। इसे पर्यटन विभाग ने 39.14 लाख रुपये से विकसित किया है। वहीं उत्तर बस्तर कांकेर जिले के दुधावा डेम में इको लर्निंग सेंटर बनाया गया है। जहां पर्यटकों के ठहरने, खानपान के लिए रेस्टोरें, एडवेंचर के लिए दो मोटर बोट से शुरू किया जा रहा है। 

बतादें कि  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इन दोनों का वर्चुअल लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। यह दोनों पर्यटन स्थल जन सामान्य में वन्यजीव और जैव विविधता की जानकारी देने के साथ ही पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने में फल होगा।

इको पर्यटकों स्थल वन चेतना केन्द्र कोडार में 39.14 लाख रुपये का कार्य किया जा चुका है और 40 लाख रुपये का कार्य प्रगति पर है। वर्तमान में पहुंच मार्ग उन्नयन, वाटर सप्लाई सिस्टम, मचान, ट्री हाउस, नेचर ट्रेल, बर्ड वाचिंग और मोटर बोट की सुविधा के विकास कार्य प्रगति पर हैं। पर्यटकों को लुभाने के लिए यहां वन परिवेश में रहने और साहसिक शिविर आयोजित करने की सुविधा उपलब्ध है।

जानें कितनी दूर हैं वन चेतना केन्द्र कोडार
यहां पर्यटकों की सुविधा के लिए एडवेंचर, मनोरंजन, स्वास्थ्य लाभ, संस्कृति पर्यावरण संचेतना और स्थानीय रोजगार के विकास का अद्भूत समागम प्रस्तुत किया गया है। यहां पर्यटकों के ठहरने के लिए नाईट कैम्पिंग, कैम्प फॉयर एवं स्टार गेजिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मनोरंजन के लिए बॉलीवाल, नेट क्रिकेट, बैडमिंटन, कैरम, शतरंज, निशानेबाजी की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही नौका विहार, बैम्बू रॉफ्टिंग और पर्यटकों के स्वाल्पाहार के लिए स्थानीय छत्तीसगढ़ी व्यंजन और सुपाच्य भोजन की व्यवस्था उपलब्ध है।

यह है इको लर्निंग सेंटर
कांकेर जिले के दुधावा जलाशय में स्थित इको लर्निंग सेंटर का संचालन वन प्रबंधन समिति करेगी यहां पर ट्रेकिंग की व्यवस्था भी की गई है। इस केन्द्र में प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इस स्थल को इको पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा।