कवर्धा सांप्रदायिक हिंसा : पांच दिन बाद शनिवार को खुलेंगी दुकानें

धार्मिक झंडा विवाद के बाद लगा दिया गया था शहर में कर्फ्यू

कवर्धा। सांप्रदायिक हिंसा के बाद पांच दिन से लगे कर्फ्यू में शनिवार को ढील दी जाएगी। पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग ने पत्रकार वार्ता में इसकी जानकारी दी। हालांकि बाजार खेालने क छूट महज चार घंटे ही रहेगी। लेकिन इस छूट से लग रहा है कि जल्द ही शहर का जनजीवन सामान्य हो जाएगा और लोग नवरात्रि में देवी दर्शन के लिए बाहर निकल सकेंगे। बता दें कि रविवार को धार्मिक झंडा हटाने के बाद शहर में सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई थी। इसके बाद शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया था।

रविवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे शहर के कर्मा माता चौक पर लगे एक खंभे से एक वर्ग विशेष के शरारती तत्वों ने धार्मिक झंडा हटा दिया था। इसके बाद शहर का माहौल बिगड़ गया था। मारपीट और पत्थरबाजी हुई। इसमें कुछ लोगों को चोटें आईं थी। दूसरे दिन फिर विवाद हो गया। इसके बाद शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया था। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग ने पत्रकार वार्ता में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हिंसा मामले में अब तक 93 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें बेमेतरा, राजनांदगांव, रायपुर, दुर्ग सहित अन्य जिलों के लोग शामिल हैं। एसपी ने बताया कि शनिवार को कर्फ्यू में चार घंटे की ढील दी जाएगी। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक दुकानें खोली जा सकेंगी। माहौल का देखते हुए आगे और ढील देने पर विचार किया जाएगा।

झंडा उतारने का विरोध करने वाला युवक लापता
रविवार को वर्ग विशेष के लोगों द्वारा जब झंडा उतारा गया, तब दुर्गेश देवांगन नाम के युवक ने इसका विरोध किया था। इस पर वर्ग विशेष के असामाजिक तत्वों द्वारा उसकी पिटाई भी की गई थी। शुक्रवार को निकाले गए शांति मार्च के दौरान दुर्गेश की मां ने रो-रोकर दुर्गेश के लापता होने की जानकारी दी थी। और पुलिस से पूछा था कि दुर्गेश कहां हैं। दुर्गेश को लेकर एसपी ने बताया कि दुर्गेश के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, लेकिन वह पुलिस हिरासत में नहीं है।

राज्यपाल से मिले भाजपा नेता, कहा- निजामे मुस्तफा की नवाबी नहीं चलेगी
कवर्धा सांप्रदायिक हिंसा के बाद भाजपा सक्रिय है। पहले नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में नेता कवर्धा गए। लेकिन वहां पीड़ित परिवारों से नहीं मिलने दिया गया। इसके बाद दुर्ग आईजी के बयान पर पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने उनके खिलाफ कवर्धा जाकर रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया। लेकिन उन्हें भी कवर्धा की सीमा पर रोक दिया गया। और अब शुक्रवार को भाजपा नेताओं का प्रतिनिधि मंडल राज्यपाल से मिला। मुलाकात के बाद राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि कवर्धा में निजामे मुस्तफा की नवाबी नहीं चलेगी। उनका इशारा मंत्री अकबर की ओर था।
(TNS)