इंदिरा गांधी कृषि विवि ने रैंकिंग में लगाई छलांग, देश के सर्वश्रेष्ठ एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में प्राप्त किया 16वां स्थान

कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में भी इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न फसलों की लगभग 156 किस्में विकसित की गई हैं। फसलों में लगने वाले कीड़े बीमारियों के पहचान एवं उसके नियंत्रण आनलाइन जानने के लिए क्राप डाॅक्टर, वेजेटेबल डाॅक्टर, दलहन एवं तिलहन डाक्टर मोबाइल एप भी जारी किए गए हैं।

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर देश के सर्वश्रेष्ठ कृषि विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में ऊंची छलांग लगाई है। इस साल देश में 16वां स्थान प्राप्त किया है।

बता दें कि वर्तमान में देश भर में 72 कृषि विश्वविद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के कृषि शिक्षा विभाग ने वर्ष 2020-21 के लिए जारी कृषि विश्वविद्यालयों एवं कृषि शिक्षा संस्थानों की रैंकिंग सूची जारी की है। इसमें इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर 16वें स्थान पर है।

श्रेष्ठ कार्य रहे मूल्यांकन का आधार
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा यह रैंकिंग कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार के क्षेत्र में विश्वविद्यालय द्वारा किए गए कार्याें के मूल्यांकन के आधार पर जारी की जाती है। इससे पहले रैंकिंग सूची में पिछले वर्ष इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय 23वें स्थान पर था। रैंकिंग के मामले में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने देश के कई नामी-गिरामी विश्वविद्यालयों को पीछे छोड़ यह मुकाम हासिल किया है।

कम समय में लगाई छलांग
20 जनवरी 1987 को स्थापित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर ने अल्पकाल में ही देश के अनेकों पुराने एवं स्थापित कृषि विश्वविद्यालयों की तुलना में सूची में अच्छा रैंक प्राप्त किया है। पिछले कुछ वर्षो में कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए विश्वविद्यालय को यह रैंक प्राप्त हुआ है। वर्ष 2003 में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के अंतर्गत केवल चार कृषि महाविद्यालय संचालित थे जिनमें कुल 300 सीट थी। आज इसके अंतर्गत 48 शासकीय एवं निजी महाविद्यालय संचालित हैं, जिनमें लगभग 2600 सीटें उपलब्ध है।

2003 में 100 और अब 625 सीटें
बता दें कि इनमें 31 कृषि महाविद्यालय, 11 उद्यानिकी महाविद्यालय, 4 कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, एक फूड टेक्नोलाॅजी एवं एक वानिकी महाविद्यालय शामिल हैं। वर्ष 2003 में स्नातकोत्तर एवं पीएचडी की लगभग 100 सीट्स ही उपलब्ध थी, जिसे बढ़ाकर लगभग 625 कर दिया गया है।

स्नातकोत्तर व पीएचडी के लिए 58 संस्थाओं से एमओयू
विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर एवं पीएचडी के छात्रों को देश के अग्रणी संस्थानों में शोध की सुविधा उपलब्ध कराने के लिये 58 राष्ट्रीय शोध संस्थानों से एमओयू किया गया है। इन संस्थानों में शोध करने वाले स्नातकोत्तर छात्रों को 5 हजार मासिक एवं पीएचडी के छात्रों को 10 हजार रुपए मासिक छात्रवृत्ति दी जाती है।

अनुसंधान के क्षेत्र में भी उपलब्धियां
कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में भी इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न फसलों की लगभग 156 किस्में विकसित की गई हैं। फसलों में लगने वाले कीड़े बीमारियों के पहचान एवं उसके नियंत्रण आनलाइन जानने के लिए क्राप डाॅक्टर, वेजेटेबल डाॅक्टर, दलहन एवं तिलहन डाक्टर मोबाइल एप भी जारी किए गए हैं।

95 अनुसंधान परियोजनाएं संचालित
विश्वविद्यालय में कृषि मंत्रालय द्वारा 95 अनुसंधान परियोजनायें संचालित हैं, जिसमें से 12 को विगत वर्षो में देश की सर्वश्रेष्ठ परियोजना का पुरस्कार दिया गया है। भारत सरकार के इनफारमेशन टेक्नालाजी व इलेक्ट्रानिक्स मंत्रालय द्वारा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को सर्वश्रेष्ठ ई-गर्वनेन्स माॅडल का पुरस्कार प्रदान किया गया है। इसके अलावा भी विश्वविद्यालय को कई पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।

आने वाले समय में सर्वश्रेष्ठ संस्थान होगा
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. एसएस सेंगर ने इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों, प्राध्यापकों एवं समस्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए आशा व्यक्त किया है। कहा है कि विश्वविद्यालय आने वाले वर्षाें में देश के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय के रूप में पहचाना जाएगा।

(TNS)