जनप्रतिनिधियों की अनदेखीः बस्तर जनपद सीईओ के खिलाफ हुए लामबंद, राशि के दुरुपयोग का आरोप

तमाम कवायदों के बाद भी सीईओ के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर अब जनपद सदस्य भी मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं, इस संबंध में बैठकें भी जारी है। कुछ जनपद सदस्यों ने बताया कि इनके पहले पदस्थ सीईओ सभी सदस्यों को विश्वास में लेकर काम करते थे, लेकिन सीईओ राठौर ना ही कोई चर्चा करते है और ना ही कोई जानकारी साझा करते हैं

जगदलपुर (Jagdalpur)। काम में लापरवाही और जनप्रतिनिधयों (Public Representative) की अनदेखी से जनपद (District) में बवाल मचा हुआ है। जनपद अधिकारी (CEO)  पर कई गंभीर आरोप लगाए गया गया है। ऐसे में कहा जाए कि बस्तर जनपद सीईओ के खिलाफ सदस्यों का असंतोष गहराता जा रहा है।

इस बार सीईओ पर मनमानी का आरोप लगाया गया है। बैठक (meeting) में जनपद सदस्यों (district members) ने जनपद पंचायत की सामान्य सभा का बहिष्कार कर दिया। सदस्यों का आरोप है कि किसी भी कार्य के लिए न तो परामर्श किया जा रहा है और न ही आम सहमति बनायी जा रही है।

कुछ महीने पहले सीईओ की शिकायत की गई थी
दरअसल ग्रामीणों ने 9 महीने पहले बस्तर (Bastar) जनपद सीईओ (District CEO) जयभान सिंह राठौर की कार्यप्रणाली (modus operandi) के साथ सरपंच और सचिवों (Sarpanch and Secretaries) को परेशान करने पर उच्चाधिकारियों से शिकायत (Grievance) की थी। इसमें 14वें वित्त कमीशन एवं अन्य योजनाओं की राशियों को लेकर दबाव बनाने की भी शिकायत की गई थी।

उसके बाद ट्राइबल विभाग में अटैच
सरपंच-सचिव संघ ने स्थानीय विधायक MLA लखेश्वर बघेल के साथ सांसद (Member of parliament) दीपक बैज से भी शिकायत की थी, जिसके बाद सीईओ को ट्राइबल विभाग में अटैच कर दिया गया था, लेकिन 30 सितंबर 2021 को शासन के आदेश से उनकी पोस्टिंग दोबारा बस्तर जनपद में कर दी गई।

शिकायत में ये लिखा गया था
बस्तर जनपद में पोस्टिंग की सूचना मिलते ही अगले दिन 1 अक्टूबर को जनपद पंचायत अध्यक्ष सहित सचिव संघ ने कमिश्नर, कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ को लिखित शिकायत करते हुए राठौर की पदस्थापना आदेश को निरस्त करने की मांग की। शिकायत में स्पष्ट किया गया कि राठौर की कार्यशैली से सरपंच और सचिव संघ संतुष्ट नहीं थे, इसलिए उन्हें हटाया गया था।

शिकायत के बाद भी फिर पदस्थापना का विरोध
बावजूद फिर से उन्हें पदस्थ किया गया है, ऐसी स्थिति में कोई भी सरपंच-सचिव उनके साथ काम करने को तैयार नहीं है। सभी ने हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा है, साथ ही जनप्रतिनिधियों से भी उन्हें हटाने की गुहार लगाई है।

पहले के अधिकारी सभी की बातों का रखते थे ध्यान
तमाम कवायदों के बाद भी सीईओ के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर अब जनपद सदस्य भी मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं, इस संबंध में बैठकें भी जारी है। कुछ जनपद सदस्यों ने बताया कि इनके पहले पदस्थ सीईओ सभी सदस्यों को विश्वास में लेकर काम करते थे, लेकिन सीईओ राठौर ना ही कोई चर्चा करते है और ना ही कोई जानकारी साझा करते हैं, केवल अपनी मनमानी करते हैं। सदस्यों का कहना है कि विकास कार्यों की जानकारी नहीं देने के कारण कई अनावश्यक कार्य भी हो रहे हैं।

सरकारी पैसों का हो रहा दुरुपयोग
जनप्रतिनिधि कार्यालय भवन को तोड़कर मनमाने निर्माण कार्य व हरे-भरे पेड़ों की कटाई से बहुत ज्यादा नाराज हैं। इन दोनों कार्यों में शासन के पैसों का खुलेआम दुरुपयोग नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि केवल जनपद सदस्य ही नहीं, बल्कि कई गांवों के सरपंच भी सीईओ की कार्यप्रणाली से नाराज हैं।

(TNS)