हॉस्टल है न स्टायफंड, बढ़ती जा रही परेशानियां, मांगों को लेकर फिजियोथेरेपी छात्रों की हड़ताल जारी

 

रायपुर। हॉस्टल की सुविधा, स्टायफंड, पीजी के साथ स्वतंत्र ओपीडी की मांग को लेकर शासकीय फिजियोथेरेपी महाविद्यालय में अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। लगभग सप्ताहभर से जारी हड़ताल की वजह से मरीजों की परेशानियां बढ़ती जा रही है।

बता दें कि चार सूत्रीय मांगों को लेकर लंबे समय से फिजियोथेरेपी छात्र पत्र लिखकर लगातार विभाग व संबंधितो को अवगत करा रहे हैं। इन परेशानियों की ओर किसी जिम्मेदार ने ध्यान नहीं दिया तो परेशान होकर छात्र अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठने का फैसला लिया है।

स्वास्थ्य मंत्री को खून से पत्र लिख बताई थी परेशानियां
हड़ताल का आज आठवां दिन है। समस्याओं के लगातार बढ़ने से छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री को खून से पत्र भी लिखा था। पत्र में उन्होंने छात्रों के लिए हॉस्टल सुविधा, स्टायफंड, पीजी के साथ स्वतंत्र ओपीडी की मांगों का जिक्र कर इनका जल्द ही निदान की अपील की थी।

चरणबद्ध कर रहे हैं आंदोलन
मामले में फिजियोथेरेपी छात्र संघ के अध्यक्ष यमंक साहू ने बताया कि हमारी मांग जायज है। सुविधाएं नहीं देंगे तो हम कैसे मरीजों की सेवा कर पाएंगे। इसलिए फिजियोथेरेपी कॉलेज में हॉस्टल, कॉलेज में खुद की ओपीडी, स्टायफंड बढ़ाने और पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स शुरू करने की मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके पहले दिन काली पट्टी बांधकर विरोध किया। फिर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए स्वास्थ्य मंत्री के बंगले का घेराव कर विरोध जताया था।

लगातार बढ़ रही परेशानियां
यहां व्याप्त परेशानियों को लेकर छात्रों ने बताया कि वर्षों से शासन-प्रशासन से मांग की जा रही है, लेकिन अब तक किसी तरह की पहल नहीं की गई है। ऐसे में परेशानियां लगातार बढ़ रही है। जब तक मांगे पूरी नहीं हो जाती तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखेंगे।

मांगों को लेकर लगातार भेजा प्रस्ताव
छात्रों की मांग के संबंध में शासकीय फिजियोथेरेपी महाविद्यालय के प्राचार्य रोहित राजपूत ने बताया कि छात्रों की जितनी भी मांग है कहीं न कहीं सही है। इनकी मांगों को लेकर लगातार प्रस्ताव भेजा गया है। 2012 से स्टायफंड में बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। छात्रावास के लिए जमीन तय की जा चुकी है, लेकिन एनओसी नहीं मिला है।

(TNS)