व्यवस्था सुधरने की उम्मीदः राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल को मिला नया अधीक्षक, एसएस नेताम ने लिया पदभार

यहां कुछ साल में व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। मरीजों को चिकित्सा के लिए लगातार डॉक्टरों का चक्कर काटना पड़ रहा है। अपने ऑपरेशन के लिए चिकित्सा उपकरणों की कमी के चलते लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

रायपुर (Raipur)। राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल डॉ. भीमराव अम्बेडकर हॉस्पिटल (Dr. Ambedkar Hospital) को नया अधीक्षक (new superintendent) मिल गया है। एसएस नेताम ने अधीक्षक का पदभार (charge) ले लिया है। इनकी जिम्मेदारी सम्हालते ही अस्पताल में व्यवस्था सुधरने के कयास लगाए जा रहे हैं।

अधीक्षक (Superintendent) एसएस नेताम ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता मरीजों का बेहतर इलाज है। उन्होंने कहा कि आज जो जिम्मेदारी मुझे दी गई है उसके अनुसार पदभार ग्रहण कर लिया हूं। नेताम ने कहा कि जिस आशा और विश्वास से मुझे जिम्मेदारी दी गई है उसमें खरा उतरने की कोशिश करूंगा।

अभी समझने का प्रयास कर रहा हूं
नए अधीक्षक ने कहा कि बात कार्यों और प्राथमिकता को लेकर है, तो हमारी प्राथमिकता प्रमुख रूप से मरीजों के इलाज को लेकर ही रहेगी। लोगों को बेहतर से बेहतर इलाज मिले। इलाज के लिए भटकना न पड़े। पदभार ग्रहण करने के बाद पहले सब कुछ समझने का प्रयास कर रहा हूं।

गंभीर मरीज ऑपरेशन के लिए कर रहे लंबा इंतजार
बता दें कि छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के सबसे बड़े अस्पताल में बड़े-बड़े जटील ऑपरेशन होते रहे हैं। कई गंभीर मरीज राज्यभर के शासकीय व निजी अस्पतालों में लाखों रुपए खर्च कर के भी ठीक नहीं हो पाए। ऐसे में वे राज्य के सबसे बड़े अस्पताल में पहुंचकर ठीक होकर खुशी से घर लौटते रहे हैं। पर यहां कुछ साल में व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। मरीजों को चिकित्सा के लिए लगातार डॉक्टरों का चक्कर काटना पड़ रहा है। अपने ऑपरेशन के लिए चिकित्सा उपकरणों की कमी के चलते लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। तो वहीं वरिष्ठ व अनुभवी चिकित्सकों की कमी का भी सामना करना पड़ रहा है।

(TNS)