भगवान भरोसे सूबे की स्वास्थ्य सेवाएं

बजट की दिक्कत से उपकरणों की खरीदी अटकी, उधर स्वास्थ्य मंत्री स्पेशल चार्टर प्लेन से दिल्ली और भोपाल में उलझे

रायपुर। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की सेहत नासाज है। बस्तर में दीपावाली के पहले स्वास्थ्य कर्मियों की नौकरी छीनी जा रही है। राजधानी स्थित प्रदेश के सबसे बड़े अंबेडकर अस्पताल में उपकरण की खरीदी में लेटलतीफी से दिल के मरीजों की सर्जरी अटक गई है। जबकि स्वास्थ्य मंत्री दिल्ली और भोपाल के फेरों में उलझे हुए हैं। जीवन बचाने वाले उपकरणों की खरीद में बजट की तंगी और स्वास्थ्य मंत्री की स्पेशल चार्टन प्लेन में यात्रा से विपक्षियों को भी मौका मिल गया है।

अंबिकापुर के सरकारी अस्पताल में नवजातों की मौत, बस्तर में स्वास्थ्य कर्मियों की दीपावली के पहले छंटनी और अंबेडकर अस्पताल में टिश्यू कटिंग मशीन खरीदने में सुस्ती से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की सच्चाई सामने आ रही है। प्रदेश के सबसे बड़े अंबेडकर अस्पताल में टिश्यू कटिंग मशीन न होने से लगभग 200 लोगों के ऑपरेशन अटक गए हैं। अब तक अस्पताल में कंपनी द्वारा डेमो के लिए दी गई मशीन से काम चलाया जा रहा था। लेकिन जब कंपनी को लगा कि सरकार मशीन खरीदने में गंभीर नहीं तो तो उसने अपनी डोमो मशीन वापस ले ली। बताया गया कि मशीन खरीदने में बजट की कमी आड़े आ रही है।

श्रवण योजना के भी आवेदन लंबित
इसी तरह बाल श्रवण योजना की स्थिति भी ठीक नहीं है। भाजपा शासन में बड़ी संख्या में बच्चों का ऑपरेशन कर सिर के अंदर मशीन लगाई गई थी। कुछ बच्चों की मशीन खराब हो गई है। इससे वे फिर से सुनने में असमर्थ हो गए हैं। ऐसे में उनकी पढ़ाई भी छूट गई है। ऐसे बच्चों के आवेदन भी स्वास्थ्य विभाग में धूल फांक रहे हैं। इधर विभाग बजट का रोना रो रहा है, उधर स्वास्थ्य मंत्री स्पेशल चार्टर प्लेन से दिल्ली और भोपाल के दौरों में उलझे हैं। चर्चा है कि दिल्ली में माहौल अपने अनुकूल न देखकर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव भोपाल के ओर स्र्ख कर रहे हैं।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बोले- स्वास्थ्य सेवाएं बीमार
इस मामले में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग लोगों की सेहत के प्रति गंभीर नहीं है। इतने बड़े जनादेश के बाद भी लोग ऑपरेशन के लिए अस्पतालों में अपनी बारी का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। बीजेपी नेता अनुराग सिंहदेव कहते हैं कि छत्तीसगढ़ के अस्पताल में एक दिन में चार बच्चों की मौत हो साफ हो गया है कि स्वास्थ्य मंत्री अपना धर्म भूल गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव न तो मंत्री पद का धर्म निभा पा रहे हैं, न ही विधायक पद का।

कांग्रेस नेता दे रहे सफाई, नहीं उठा स्वास्थ्य मंत्री का फोन
वहीं दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस के नेता स्वास्थ्य विभाग की खामियों को किसी भी तरह छुपाने की कोशिशों में ऊर्जा लगा रहे हैं। बाकी सवालों का जवाब तो पार्टी नेताओं के पास नहीं है, लेकिन संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने बच्चों की मौत के मामले में कहा कि स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग पूरी जिम्मेदारी के साथ काम कर रहा है। घटना की जानकारी लगते ही स्वास्थ्य मंत्री ने अपना दिल्ली दौरा रद्द कर दिया था।
(TNS)