खुशखबरी : आप आज भी भर सकते हैं दो साल पुराना Income Tax Return, गलती में भी कर सकते हैं सुधार

भिलाई सीए ब्रांच के पूर्व चेयरमैन सीए पीयूष जैन ने बताया कि बोर्ड द्वारा दी गई सुविधा के अंतर्गत अब करदाता आईटीआर- यू के माध्यम से अद्यतन रिटर्न फार्म दाखिल कर सकते हैं।

तीरंदाज, भिलाई। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने उन करदाताओं को एक और मौका दिया है, जो दो साल से अपना Income Tax Return दाखिल नहीं कर पाए हैं। इसके अलावा गलत दाखिल रिटर्न में सुधार करने का भी मौका दिया गया है। यह सुविधा वित्तीय वर्ष 2019-20 से अब तक के दाखिल रिटर्न भरने के लिए उपयोग की जा सकती है। भिलाई सीए ब्रांच के पूर्व चेयरमैन सीए पीयूष जैन ने बताया कि बोर्ड द्वारा दी गई सुविधा के अंतर्गत अब करदाता आईटीआर- यू के माध्यम से अद्यतन रिटर्न फार्म दाखिल कर सकते हैं।

सीए पियूष जैन ने बताया कि नई सुविधा के तहत करदाता को यह बताना होगा कि अपडेटेड रिटर्न असेसमेंट वर्ष खत्म होने के 12 माह के अंदर दाखिल किया जा रहा है या 13 से 24 माह के भीतर। इसके अनुसार टैक्स पर पेनाल्टी और इंटरेस्ट का भी प्रावधान है। CA जैन ने बताया कि जिन लोगों कोआयकर विभाग से कोई प्रारंभिक नोटिस या इन्क्वायरी आई है, वह भी अपडेटेड रिटर्न फाइल करने के लिए योग्य होंगे और ऐसा करने पर मिस रिपोर्टिंग की स्थिति में लगने वाले 200 प्रतिशत पेनाल्टी से भी बच सकेंगे।

उन्होंने बताया कि जब बजट पेश किया गया था, तब लॉस के मामलों में यह सुविधा नहीं थी। लेकिन नोटिफिकेशन पास होने पर इसे लेकर भी स्थिति साफ हो गई है। अब इन मामलों में भी यह सुविधा उपलब्ध रहेगी। हालांकि इसमें आय रिफंड क्लेम नहीं किया सकता है और न ही कोई गलती से बताई हुई आय को घटाया जा सकता है।

देनी होगी ये जानकारी
आईटीआर-यू दाखिल करने वाले करदाताओं को आय को अपडेट करने के लिए कारण देना होगा। उन्हें इसकी वजह बतानी होगी। बताना होगा कि पहले रिटर्न दाखिल क्यों नहीं किया गया, या आय की सही जानकारी क्यों नहीं दी गई। यह फॉर्म संबद्ध आंकलन वर्ष के अंत के दो साल के भीतर दाखिल किया जा सकता है।

मिलेंगे ये 8 विकल्प
1. संबंधित वर्ष का रिटर्न फाइल नहीं किया गया था और ऐसी इनकम अर्जित की गई थी, जिस पर टैक्स दिया जाना है।
2. मूल रिटर्न, जो फाइल किया था, उसमें सभी इनकम रिपोर्ट नहीं की गई थी।
3. मूल रिटर्न में आय का गलत हेड चयनित किया गया था।
4. मूल रिटर्न में जो कैरिड फॉरवर्ड लॉस बताये गये थे, उसमें कमी की जानी है।
5. मूल रिटर्न में जो कैरिड फॉरवर्ड अनएचमोर्ब्ड डेप्रिसिएशन बताया था, उनमें कमी की जानी है।
6. कम्पनीज की नेट क्रैडिट कम की जानी है।
7. मूल रिटर्न में कर की कम दर से टैक्स चुकाया गया था।
8. अन्य कोई कारण।

रिटर्न संशोधित कर बच सकते हैं कार्रवाई से
CA जैन ने बताया कि आयकर का ताजा संशोधन ऐसे लोगों के लिए राहत लेकर आया है जो विभाग की ओर से शोकॉज नोटिस का सामना कर रहे हैं, लेकिन धारा 148 में कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। विभाग को इसके रिटर्न पर संदेह है तो वह रिटर्न संशोधित कर भविष्य की कार्रवाई से बच सकता है। ऋण व अपना स्टेटमेंट बेहतर करने के लिए भी ऐसे लोग जिन्होंने रिटर्न नहीं जमा किया था, वे पुराने रिटर्न जमा कर ऋण आदि हासिल कर सकेंगे।