हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की वो फिल्म जिसे बनाने वाले ही कराना चाहते थे फ्लॉप…जानें क्यों

TIRANDAJ DESK. किशोर कुमार (kishor kumar) अपने अलग अंदाज के लिए जाने जाते थे। वो हिंदी फिल्म जगत के सफल पार्श्व गायक (playback singer) के साथ बेहतरीन अभिनेता, गीतकार, संगीतकार, निर्माता, निर्देशक और पटकथा लेखक भी थे। वैसे तो उनसे जुड़े हुए कई किस्से हैं। लेकिन हम आप को जो किस्सा बताने जा रहे है वो आपने पहले नहीं सुना होगा।

एक बार किशोर कुमार अपनी कमाई पर इनकम टैक्स (income tax) जमा नहीं करना चाहते थे। इससे बचने के लिए उन्होंने जो तरीका अपनाया वो जानकर आप समझ जाएंगे की किशोर कुमार कितने अलग इंसान थे। टैक्स बचाने के लिए उन्होंने दो फिल्में बना दी। वो भी यह सोचकर की वो फ्लॉप हो जाएंगी और वो टैक्स देने से बच जाएंगे।

किशोर कुमार ने जो दो फिल्मे बनाई उनमें से एक थी बंगाली में लुकोचुरी और दूसरी हिंदी में थी चलती का नाम गाड़ी (Chalti Ka Naam Gaadi)। उनको भरोसा था कि दोनों फिल्में फ्लॉप हो जाएगी और उन्हें इनकम टैक्स नहीं देना पड़ेगा। लेकिन जब फिल्में रिलीज हुई तो सब उल्टा हो गया था। फिल्म को अच्छे रिव्यू मिले और दर्शकों ने इन्हें काफी पसंद किया। और दोनों ही फिल्में सक्सेफुल रही और अच्छी-खासी कमाई भी की।

फिल्मों के सफल होने पर किशोर कुमार काफी टेंशन में आ गए थे। उनको इनकम टैक्स ना चुकाने का सपना चूर चूर होता नजर आ रहा था। लेकिन वो किसी भी कीमत पर इनकम टैक्स नहीं देना चाहते थे। इसके लिए भी उन्होंने एक तरकीब निकाल ली। उन्होंने अपने सेक्रेटरी अनूप शर्मा के नाम हिंदी फिल्म चलती का नाम गाड़ी के सारे राइट्स कर दिए। उन्होंने ऐसा दिखाया कि फिल्म अनूप शर्मा ने प्रोड्यूस की है, लेकिन इतना करने के बाद भी वो इनकम टैक्स वालों से नहीं बच पाए। उन पर इनकम टैक्स में हेर-फेर करने का केस लगा दिया और ये मुकदमा लगभग चालीस साल चला था।