अयोध्या में फ़िल्म फेस्टिवलः बस्तर परिवेश में बनी फ़िल्म बाली फूल को मिला बेस्ट रीजनल फ़िल्म अवार्ड

इस फिल्म की कहानी बस्तर में होने वाली घटनाओं कि ओर इंगित करती है। राजनीतिक हो, अफसरशाही या नक्सलिज्म के कारण लोगों की मानसिक व शारीरिक कठिनाइयों को प्रदर्शित करती है।

भिलाई (Bhilai)। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बस्तर (Bastar) परिवेश में बनाई गई फ़िल्म बाली फूल (Film Bali Phool) (वेलकम टू बस्तर) को देश का धर्म स्थल आयोध्या (Ayodhya) में आयोजित अयोध्या फ़िल्म फेस्टिवल (Film Festival) में बेस्ट रीजनल फ़िल्म (best regional film) अवार्ड ( Award) से नवाजा गया है। ये फ़िल्म बहुत जल्द सिनेमाहाल में देखने को मिलेगी।

इस फिल्म की कहानी (Story) बस्तर में होने वाली घटनाओं (events) की ओर इंगित करती है। राजनीतिक हो, अफसरशाही या नक्सलिज्म के कारण लोगों की मानसिक व शारीरिक कठिनाइयों को प्रदर्शित करती है।

इससे शुरू होती है कहानी
कहानी की शुरुआत एक जर्नलिस्ट से होती है, जो बस्तर देखने, क्षेत्र को समझने के लिए आता है। पर यहां उसके साथ बहुत सी ऐसी घटनाएं हो जाती हैं जिससे वह उसमें बुरी तरह फंस जाता है। लोगों से बातचीत करते हुए पता चलता है की कैसे लोगों को नक्सली बनाया जाता है, कैसे लोग मुख्यधारा से हटकर जीवन जीने के लिए विवश हो जाते हैं।

मुख्य पात्र आदिवासी ग्राम का नवयुवक है
इस फिल्म का मुख्य पात्र आदिवासी ग्राम का नवयुवक हिड़मा है। जो घोटूल में शिक्षा दीक्षा व जीवन जीने की कला सीख रहा है। उसी बीच में पारो गोकुल में आती है और हिड़मा से लगाव के चलते बाली फूल बन जाती है। वे दोनों प्रेम और शांति के साथ जीवन जीना चाहते हैं, पर वे वहां के जनप्रतिनिधि और कुछ अपराधिक लोगों के चंगुल में फंस जाता है। इस जंजाल से बाहर निकलने की दास्तान पूरी फिल्म में बताई गई है।

ये हैं निर्माता, निदेशक और कलाकार
फ़िल्म – बालिफूल (वेलकम टू बस्तर) है। निर्माता- अजय अग्रवाल प्रोडक्शन बैनर-सौम्या वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड और कैमरा संपादन निर्देशक- डॉ. पुनीत सोनकर हैं। सहायक कैमरा मैन शैलेंद्र वर्मा, मुकेश वर्मा, कहानी पठकथा संवाद नीलेश देवांगन के हैं। ध्वनि- पीयूष साहू, कोरियोग्राफर- चंदन दीप, करण निहाल हैं। सहायक संपादक- नारायण वर्मा, नामेंद्र टंडन हैं। गीत- सुक्कू बारिको, संगीत- प्रदीप साथिया और सुक्कू बारिको हैं। बीजीएम- श्याम सारथी, प्रदीप साथिया, मास्टर आईएनजी- पुखराज सोनकर। अन्य कलाकार हेमा शुक्ला, रवि शर्मा, भीखराय साहू, संतोष थप्पा, संजय तेलंग, एजाज वारसी, मेहर खान, भानुमति कोसरे, विनोद नेताम, वर्षा, विक्की सिंह ठाकुर, हेमा मानिकपुरी, किरण वर्मा आदि शामिल है।

यहां हुई फिल्म की शूटिंग
इस फिल्म की शूटिंग (film shooting) सिरपुर और भिलाई-3 नारदहा रायपुर, नया रायपुर, डोंगरगढ़, बस्तर के हसीन मनोरम दृश्य, झील, नदी, पहाड़ और घने जंगलों के बीच की गई है। खूबसूरत लोकेशन में फिल्माया गया यह फिल्म जल्द ही नजदीकी सिनेमाघरों में आने को तैयार है। इस फिल्म की मुख्य नायिका अंजली फाल्गुनी ठाकुर हैं, जो कि अपनी अदाकारी और खूबसूरती छत्तीसगढ़ी (Chhattisgarh) फिल्म चंदेनी के भोला में दिखा चुकी हैं। इस फिल्म में उन्हें काफी सराहना मिली थी।

हिड़मा और पारो की प्रेम कथा पर आधारित इस फिल्म के दर्शक, प्रशंसक, फिल्म समीक्षक, ट्रेड एनालिस प्रशांत कुमार क्षीरसागर के अनुसार फिल्म का अद्भुत प्रेम कहानी पर बनाई गई है। सभी कलाकार अपने अभिनय का जलवा दिखाया है।

(TNS)