Exam: छह लाख आवेदक देख पीएससी के होश उड़े, टालनी पड़ी परीक्षा

सूत्रों ने बताया कि इस बार बीपीएससी की 67वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में छह लाख से ज्यादा आवेदन आए हैं। इतनी बड़ी संख्या में आवेदन मिलने से बीपीएससी अधिकारी हैरान और परेशान हैं।

 

बिहार। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के माध्यम से 726 पदों को भरना है। इसके लिए 67वीं संयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा 2021 को 23 जनवरी, 2022 को आयोजित की जानी थी, लेकिन 07 दिसंबर, 2021 को जारी एक अधिसूचना के माध्यम से इसे अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए स्थगित कर दिया गया था।

बीपीएससी ने इसे स्थगित करने को लेकर कोई विशेष कारण भी नहीं बताया गया था। बीपीएससी अब भी यह निर्धारित नहीं कर पाया है कि इस परीक्षा को कब आयोजित किया जाएगा? बता दें कि इस भर्ती के माध्यम से बिहार राज्य सेवा के कुल 726 पद भरे जाने हैं।

23 जनवरी को होनी थी 67वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा
बता दें कि बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 67वीं संयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा 2021 को 23 जनवरी, 2022 को आयोजित की जानी थी, लेकिन 07 दिसंबर, 2021 को जारी एक अधिसूचना के माध्यम से इसे अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए स्थगित कर दिया गया था।

नई तिथि घोषित नहीं की जा सकी
मामले में जल्द नई तिथियों की घोषणा करने की बात कही गई थी, जिसका परीक्षार्थियों को इंतजार है, लेकिन बीपीएससी अभी तक प्रारंभिक परीक्षा की नई तिथियों पर निर्णय नहीं कर पाया है। प्रारंभिक परीक्षा के बाद मुख्य परीक्षा और फिर साक्षात्कार होंगे।

उम्मीदवारों के आवेदन देख अधिकारी हैरान
परीक्षा को लेकर बातचीत करने पर बीपीएससी में कार्यरत विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि इस बार बीपीएससी की 67वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में छह लाख से ज्यादा आवेदन आए हैं। इतनी बड़ी संख्या में आवेदन मिलने से बीपीएससी अधिकारी हैरान और परेशान हैं। बीपीएससी की इस भर्ती में ग्रामीण विकास अधिकारी के 133 पद, ईओ के 110 पद, बिहार प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ उप कलेक्टर और एसडीएम के 88 पद, प्रखंड कल्याण अधिकारी के 52 पद, सीओ के 36, डीएसपी के 20 पदों पर नियुक्तियां होनी है।

इस बार डेढ़ लाख ज्यादा आवेदक
मामले में बीपीएसी के सूत्रों ने बताया कि 67वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में पिछली परीक्षाओं के मुकाबले करीब डेढ़ लाख ज्यादा उम्मीदवारों के आवेदन आए हैं। इसलिए, राज्य में इतने उम्मीदवारों की परीक्षा एक साथ कराने के इंतजामों को लेकर माथापच्ची चल रही है। समय पर व्यवस्था नहीं बन पाने के कारण परीक्षा को टाल दिया गया था। कई जिलों में जिलाधिकारियों ने शहरी केंद्रों पर पर्याप्त परीक्षा केंद्रों के अभाव बताते हुए हाथ खड़े कर दिए हैं।

(TNS)