बॉलीवुड मूवी स्वदेश की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के इन दो गावों में पहुंची बिजली, हर घर को 5-5 बल्ब का कनेक्शन

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तीरंदाज, रायगढ़। फिल्म स्वदेश तो याद होगी जिसमें शाहरुख खान नासा में काम कर रहे होते हैं। इसके बाद भारत पहुंचते हैं उन्हें पालने वाली आया को लेने। जिस गांव में वे जाते हैं वहां न तो बिजली होती है और न ही कोई और सुविधा। इसके बाद शाहरुख खान एक झरने की मदद से गांव में बिजली बनाकर रोशनी देते हैं। ऐसा ही एक वाकया छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में दो गांवों में देखने को मिला।

यह इनोवेशन रायगढ़ जिले के दो गांवों में देखने को मिला। जिले के धर्मजयगढ़ ब्लॉक से लगे माली कछार और बेलसिंगा गांव में पावर ग्रिड नहीं पहुंचा है। वैज्ञानिक प्रो. डीएस मालिया ने इन दोनों गांवों के ऊपर पहाड़ी पर स्थित प्राकृतिक झरना ‘बिरनी माड़ा’ के इस्तेमाल से गांव में ही बिजली पैदा कर दी। इस काम में ग्रामीणों ने भी वैज्ञानिक का भरपूर साथ दिया। बिजली पैदा होने के साथ ही अब गांव के प्रत्येक घरों को 5-5 बल्ब का कनेक्शन भी दिया जाएगा। साथ ही इसी बिजली से गांव के स्कूल, और आंगनबाड़ी को भी उजाला दिया जाएगा।

प्रो. मालिया के अनुसार ऐसे क्षेत्रों में उन्हें माइक्रो हाइडल प्रोजेक्ट का आइडिया 20 साल पहले ही आया था, परंतु पैसों के अभाव के चलते यह संभव नहीं हो पाया था। इस वर्ष उनके मित्रों आलोक शुक्ला, प्रमोद चंदेल, और गुलाब पटेल की आर्थिक मदद से आज वह झरने पे बनाए पावर हाउस से 10 किलोवाट बिजली का उत्पादन करने में सफल रहें हैं। उन्होंने गांव वालों से शारीरिक मदद भी ली जिससे आज वे 26 घरों में बिजली पहुंचा पा रहें हैं।

चुनौतियों का करना पड़ा सामना
प्रो. मालिया ने बताया कि इस काम में झरने के पानी को टरबाइन तक पहुंचाना काफी मुश्किलों भरा रहा क्योंकि झरना समुद्र तल से 1600 फीट की ऊंचाई पर है,सेक्सन पाइप के बदौलत पानी टरबाइन तक पहुंचाना था, लेकिन झरने की खड़ी पगडंडी चढ़ाई अच्छे अच्छों का हौसला कमजोर कर रही थी, भारी मशीनें पहुंचाना काफी परेशानियों भरा रहा किंतु ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास से यह परियोजना सफल रहीं।

शुरुआत है अभी और आगे जाना है
प्रो. मालिया के अनुसार इस परियोजना ‘project for life’ का नाम दिया है। यह लघु जल प्रोजेक्ट है जिसके लिए क्रॉस फ्लो टरबाइन का इस्तेमाल हुआ है। पहले प्रयोग में 100% बिजली उत्पादन में कामयाबी मिली है, आगे इससे बड़े पैमाने पर सुदूरवर्ती इलाकों में जहां ग्रिड से बिजली नहीं पहुंची है वहां बिजली पहुंचाने का करेंगे काम करेंगे। उन्होंने कहा कि रायगढ़ जिले के दो अन्य गांव एवं कोरबा जिले का एक गांव में ऐसा ही परियोजना की तैयारी है। इन गांवों में 10 के जगह 30 किलोवाट बिजली उत्पादन किया जाएगा। इस पर भी जल्दी काम शुरू हो जाएगा।