दर्जनभर राज्य में जिस PFI के यहां पड़े छापे, बड़ी संख्या में PFI के लोग हुए गिरफ्तार, जानें ये PFI है क्या ?

DELHI. नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) और इनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने गुरुवार को PFI के ठिकानों पर छापा मारा। देश के दर्जन भर से अधिक राज्य में कार्रवाई की गई और बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार भी किया गया। आए दिन आतंकी फंडिंग सहित अन्य आरोपों का सामना करने वाली PFI मीडिया सुर्खियों में रहती है। आइए जानते है कि आखिर ये PFI है क्या…

‘पापुलर फ्रंट आफ इंडिया’ कथित तौर पर देश में फैला चरमपंथी इस्लामिक गैर सरकारी संगठन है। इसे शार्ट में PFI के नाम से जाना जाता है। संगठन की स्थापना 2006 में नेशनल डेवलपमेंट फ्रंट (NDF) के उत्तराधिकारी के रूप में हुई थी। संगठन की जड़े देश के दो दर्जन से अधिक राज्य में फैल चुकी है। इसका मुख्यालय दिल्ली के शाहीनबाग में है। इस पर हमेशा भारत सरकार द्वारा राष्ट्र विरोधी और आसामाजिक गतिविधियों में लीन रहने के आरोप लगते रहे है। दूसरी ओर पीएफआई के पदाधिकारी संगठन को सामाजिक हित में व्याप्त संस्था के रूप में परिलक्षित करते है। केरल और कर्नाटक में पीएफआई और आरएसएस कार्यकर्ताओं के बीच अलगाव की स्थिति निर्मित होती रही है।

सिमी की बी विंग का लगा आरोप
स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट आफ इंडिया यानी (सिमी) की बी विंग के तौर पर पीएफआई को देखा जाता है। क्योंकि साल 1977 में संगठित की गई सिमी पर 2006 में प्रतिबंध लगा दिया गया। इसके बाद माना जाता है कि पीएफआई का गठन किया गया और पीएफआई की कार्यप्रणाली सिमी जैसा होने के कारण इस पर बी विंग का आरोप लगता रहा है।

इसके बाद उत्तरप्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पीएफआई को बैन करने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिख चुके है। वहीं केंद्रीय एजेंसियों और यूपी पुलिस द्वारा साझा किए गए खुफिया रिपोर्ट्स और केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक देश में विभिन्न स्थान पर दंगे भड़काने में पीआफआई का हाथ रहा है।