क्रिप्टोकरेंसी : डार्क बेव में चलता है DOGECOIN का सिक्का, बना साइबर अपराधियों की पहली पसंद

तीरंदाज, डेस्क। कुछ साल पहले मज़ाक के रूप में शुरू किया गए डॉजकॉइन को लेकर एक हैरान कर देने वाली रिपोर्ट सामने आई है। डॉजकॉइन को कुछ साल पहले जब शुरू किया गया था, तब किसी ने नहीं सोचा था कि एक दिन यह क्रिप्टोकरेंसी इतनी पॉपुलर होगी। आज यह टॉप क्रिप्टो टोकनों की लिस्ट में शामिल हो गया है। एलन मस्क जैसे अरबपति भी इस क्रिप्टोकरेंसी के फैन हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार काले कारनामों में डॉजकॉइन का जमकर इस्तेमाल किया जा रहा है।

आतंकवाद में भी इस्तेमाल
एक रिपोर्ट में जिसमें खुलासा किया गया है कि केवल बाहर ही नहीं, अंदर की दुनिया में भी डॉजकॉइन की ये पॉपुलरिटी बढ़ती जा है। अपराधी अपने काले कारनामों में बड़ी मात्रा में डॉजकॉइन का इस्तेमाल कर रहे हैं। रिपोर्ट की माने तो डॉजकॉइन को स्कैम, फाइनेंशिअल फ्रॉड, झांसे वाली स्कीमों और दूसरे गंभीर अपराधों जैसे बाल यौन शोषण और आतंकवाद में भी इस्तेमाल किया जाता है। अभी तक लाखों डॉलर की डॉजकॉइन क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल गंभीर अपराधों में किया जा चुका है।

4.9 रुपये पर ट्रेड कर रहा
अपराधियों ने डॉजकॉइन के रूप में अब तक लोगों का लाखों डॉलर का चूना भी लगाया है। डॉजकॉइन का इस्तेमाल साइबर चोरी, स्कैम और झांसा देने वाली स्कीम में किया जाता है। पहले लोगों का पैसा चुराया जाता है और डॉजकॉइन के रूप में ट्रांसफर किया जाता है। डोगेकोईन की कीमत में इजाफा की बात करें तो यह 4.9 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। अरबपति एलन मस्क ने ट्वीट करके डॉजकॉइन को सपोर्ट करने की बात कही थी। जिससे डॉजकॉइन की कीमत में लगभग 11 प्रतिशत का उछाल आया है।

बढ़ रहे है साइबर अपराध
डार्कबेव में डिजिटल करेंसी का इस्तेमाल होने से साइबर अपराधों बढ़ रहे है। डॉजकॉइन को कई जगह स्वीकार किया जाने लगा है। जैसे कि चुराए गए क्रेडिट कार्ड के वैरीफायर के रूप में, ड्रग सेल और गैरकानूनी चीजें खरीदने जैसे कि चुराई गई चीजों और हथियारों की बिक्री आदि के लिए भी डॉजकॉइन का इस्तेमाल होता है। रिपोर्ट कहती है कि आजकल कंप्यूटर वायरस और मालवेयर ज्यादा पाए जा रहे हैं। जिनको डॉजकॉइन चोरी करने के लिए प्रोग्राम किया जाता हैं। जिससे कि ऐसे कम्प्यूटर वायरस और मालवेयर की संख्या बढ़ती जा रही है। डार्कबेव के लोग इसका इस्तेमाल यूजर्स के वॉलेट से डॉजकॉइन चोरी करते हैं। इस इस तरह के टूलों से अब तक लाखों डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी को चुराया जा चुका है।