दुर्ग में लंपी के लक्षण वाले गोवंश मिले, सैंपल भेजे स्टेट लैब, जानें संक्रमित पशु का दूध पी सकते हैं या नहीं

BHILAI. देश भर में मवेशियों में लंपी वायरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को छत्तीसगढ़ में भी चार संदिग्ध गोवंशों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध गोवंशों को अलग रखने के लिए निर्देशित किया गया है। जल्द पुष्टि होने के बाद इन गोवंशों का पर्याप्त इलाज किया जाएगा, ताकि महामारी का ज्यादा विस्तार न हो पाए।

दुर्ग पशु चिकित्सा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डा .एमके चावड़ा ने बताया कि दुर्ग शहर में पालतू गोवंशों में लंपी वायरस के कुछ सिम्टम्स देखे गए है। इन गोवंशों का सैंपल लिया गया है और जांच के लिए रायपुर स्थित स्टेट लैब में भेजा गया है। जल्द सैंपल आने के बाद उनके त्वरित इलाज के लिए आगे की कार्यवाही की जाएगी।

डिप्टी डायरेक्टर ने बताया कि प्राथमिक तौर पर चार में से दो संदिग्ध मवेशियों के सैंपल भेजे गए हैं। संदिग्ध मवेशी दुर्ग के महावीर कालोनी और खंडेलवाल कालोनी क्षेत्र के बताए जा रहे हैं। साथ ही पालकों को उन जानवरों को अलग रखने और एहतियात बरतने के निर्देश विभागीय अधिकारियों द्वारा दिए गए हैं।

गो पालक बरतें सावधानी
पशु चिकित्सा विशेषज्ञों ने कहा कि वर्तमान में लंपी संक्रमण के प्रकोप के चलते गोपालक पर्याप्त एहतियात बरतें। लंपी संक्रमण के फैलाव से बचाने के लिए संक्रमित मवेशी को अलग रखें। पूरे वक्त बांध कर रखें, ताकि मवेशी विचरण न कर पाए। ऐसे मवेशियों का चारा भी अलग रखा जाए। इससे संक्रमण के फैलाव को कम किया जा सकता है।

लंपी पीड़ित गोवंश का दूध कितना है नुकसानदायक…?
देश भर में गोवंशों में फैल रही लंपी महामारी के बाद सबसे बड़ा प्रश्न यह उठ रहा है कि संक्रमित गायों के दूध का सेवन करना लाभदायक रहेगा या हानिकारक… इस मामले में पशु चिकित्सा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डा. एमके चावड़ा ने कहा कि लंपी संक्रमित गोवंश के दुग्ध का सेवन किया जा सकता है। इससे किसी भी तरह का नुकसान नहीं है। उन्होंने कहा कि बशर्ते इस बात का विशेष ध्यान रखें कि दूध पर्याप्त समय तक उबाल लें, ताकि इसमें व्याप्त बैक्टीरिया हमारी सेहत में किसी तरह का प्रतिकूल प्रभाव न डाल पाएं।