विचाराधीन बंदी को भगाने में किया सहयोग, आरक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज

वैशाली नगर बिहार, हाल पता धनेली, मुझगहन निवासी विचाराधीन बंदी अनुपम कुमार झा विचाराधीन बंदी को भागने में सहयोग करने का आरोप आरोप निलंबित आरक्षक पर लगा है। इसके खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है।

रायपुर (Raipur)। बंदी (captive) के परिजनों के लगातार सम्पर्क में बने रहे और उसके फरार (absconding) होने में सहयोग करने की बात की पुष्टी होने पर एक आरक्षक (constable) के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है।

वैशाली नगर बिहार, हाल पता धनेली, मुझगहन निवासी विचाराधीन बंदी अनुपम कुमार झा विचाराधीन बंदी को भागने में सहयोग करने का आरोप आरोप निलंबित आरक्षक पर लगा है। इसके खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है। इसके साथ ही विभागीय जांच के लिए आरोप पत्र जारी किया गया है।

बंदी के परिवार के संपर्क में था सिपाही
बता दें कि वैशाली नगर बिहार, हाल पता धनेली, मुझगहन निवासी विचाराधीन बंदी अनुपम कुमार झा उर्फ अमर झा पिता अवधेश झा (30 वर्ष) के विरूद्ध रायपुर के विभिन्न थानों में अलग-अलग अपराध पंजीबद्ध है। मामले में 21 अक्टूबर को अतिरिक्त ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश रायपुर में पेशी थी। पेशी के दौरान विचाराधीन बंदी पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया, इस पर ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर आरक्षक रावेन्द्र प्रसाद पटेल को निलंबित करने के साथ प्राथमिक जांच शुरू की गई।

जांच में ये बात सामने आई
जांच में आरक्षक के बंदी के परिजनों के लगातार सम्पर्क में बने रहे और उसके फरार होने में सहयोग करने की बात पुष्टि हुई है। इस पर विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू की गई, साथ ही आपराधिक कार्रवाई करते हुए सिविल लाइन थाना में धारा 225 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई है।

(TNS)