आयोग में शिकायत : थप्पड़ मारकर बोली अधीक्षिका, छत से नीचे फेंक दूंगी

भिलाई। दुर्ग स्थित आदिमजाति कल्याण विभाग के  प्रयास हॉस्टल में पढ़ने वाले 11वीं कक्षा के छात्रों ने कक्षा 9वीं व 10वीं की हॉस्टल अधीक्षिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों ने कलेक्टर दुर्ग व आदिमजाति कल्याण आयोग को लिखित में शिकायत की है। शिकायती पत्र पर करीब 87 छात्रों ने अपने हस्ताक्षर किए हैं। मामला सामने आने के बाद कलेक्टर दुर्ग डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने सहायक आयुक्त से रिपोर्ट मांगी है।

प्रयास के छात्रों द्वारा की गई शिकायत में छात्रों ने 22 अप्रैल को हुई एक घटना का जिक्र किया गया है। छात्र बृजेश ठाकुर ने शिकायत में बताया कि कक्षा 9वीं व 10वीं की हॉस्टल अधीक्षिका द्वारा दुर्व्यवहार किया जाता है। 22 अप्रैल को प्रयास हॉस्टल का उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। उस दौरान 11वीं कक्षा का छात्र ब्रिजेश ठाकुर अपने सहपाठी के साथ कॉरिडोर में घूम रहा था।

ठीक उसी समय 9वीं और 10वीं के छात्रावास की अधीक्षिका वहां गुजर रही थीं। छात्रों के मुताबिक, अधीक्षिका ने उन्हें एकाएक रोक लिया और उसकी मिमिक्री करने का आरोप लगाते हुए ब्रिजेश ठाकुर को थप्पड़ जड़ दिया। छात्रों का आरोप है कि बात यहीं समाप्त नहीं हुई, हॉस्टल अधीक्षिका द्वारा उन्हें छत से फेंकने की धमकी भी दी गई। इसके बाद छात्रों का गुस्सा भी फूट पड़ा।

छात्रों का कहना है कि अधीक्षिका हमेशा उनके साथ दुर्व्यवहार करती हैं। उन्हें जातिगत अपशब्द भी कहती हैं। इनके रवैये पर सहायक आयुक्त भी कार्रवाई नहीं करतीं। छात्रों ने कहा कि वे सभी गरीब परिवार से यहां पढ़ने आए हैं। अधीक्षिका का व्यवहार सही नहीं है। इसके चलते सभी छात्रों ने सामूहिक रूप से सहायक आयुक्त की जगह दुर्ग कलेक्टर और आदिम जाति कल्याण आयोग से शिकायत की है।

बच्चों की जो भी शिकायत होगी उसकी जांच होगी
22 अप्रैल को हॉस्टल में बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें छात्राएं भी शामिल हुईं। व्यवस्था बनाने के लिए शायद कोई घटना हुई होगी। बच्चों की जो भी शिकायत है, उसकी जांच कराई जाएगी। हालांकि शिकायत मिलने पर वे खुद भी हॉस्टल गईं थीं। 
– प्रियंवदा रामटेके, सहायक आयुक्त, आदिम जाति कल्याण विभाग