छत्तीसगढ़ को स्वच्छता अवार्डः राष्ट्रपति के हाथों मुख्यमंत्री भूपेश ने ग्रहण किया पुरस्कार, राज्य को सर्वाधिक 61 निकायों में भी अवार्ड

गौरतलब है कि भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्यमंत्रालय द्वारा हर साल देश के समस्त शहरों और राज्यों के मध्य स्वच्छ सर्वेक्षण का आयोजन किया जाता है। इसमें विभिन्न मापदंडों के अंतर्गत शहरी स्वच्छता का आंकलन किया जाता है। मुख्य रूप से घर-घर से कचरा एकत्रीकरण, कचरे का वैज्ञानिक रीति से निपटान, खुले में शौच मुक्त शहर, कचरा मुक्त शहर आदि का थर्ड पार्टी के माध्यम से आंकलन करते हुए नागरिकों के फीडबैक को भी इसमें शामिल किया जाता है।

रायपुर (Raipur)। स्वच्छ अमृत महोत्सव (clean nectar festival) कार्यक्रम में सबसे स्वच्छ राज्य श्रेणी में छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) को पुरस्कृत किया गया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री (Chief Minister) भूपेश बघेल ने नई दिल्ली (New Delhi) के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति (President) रामनाथ कोविंद के हाथों अवार्ड ग्रहण किया। इस सम्मान समारोह में प्रदेश के सर्वाधिक 61 नगरीय निकायों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए हैं। कार्यक्रम में आवासन और शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी, राज्य मंत्री कौशल किशोर भी शामिल रहे।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) ने लगातार तीसरे साल स्वच्छतम् राज्य का राष्ट्रीय पुरस्कार जीता है, तो इसका श्रेय छत्तीसगढ़ के पौने तीन करोड़ लोगों को जाता है। मैं विशेष रूप से राज्य की महिलाओं को इसका श्रेय देना चाहूंगा, जिन्होंने शहरों से लेकर गांवों तक स्वच्छता की एक नई संस्कृति का निर्माण किया है।

घर-घर कचरा इकट्टा कर करते हैं वैज्ञानिक तरिके से निपटान
गौरतलब है कि भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्यमंत्रालय (urban affairs ministry) द्वारा हर साल देश के समस्त शहरों और राज्यों के मध्य स्वच्छ सर्वेक्षण का आयोजन किया जाता है। इसमें विभिन्न मापदंडों के अंतर्गत शहरी स्वच्छता का आंकलन किया जाता है। मुख्य रूप से घर-घर से कचरा एकत्रीकरण, कचरे का वैज्ञानिक रीति से निपटान, खुले में शौच मुक्त शहर, कचरा मुक्त शहर आदि का थर्ड पार्टी के माध्यम से आंकलन करते हुए नागरिकों के फीडबैक को भी इसमें शामिल किया जाता है। इसी आधार पर राज्यों और शहरों की रैंकिंग जारी कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों और शहरों को पुरस्कृत किया जाता है।

9000 से अधिक स्वच्छता दीदियों का बड़ा योगदान
छत्तीसगढ़ देश का ऐसा एक मात्र प्रदेश है, जहां 9000 से अधिक स्वच्छता दीदियों (cleanliness didis) द्वारा घर-घर से 1600 टन गीला और सूखा कचरा एकत्रीकरण करते हुए वैज्ञानिक रीति से कचरे का निपटान किया जा रहा है। इसके अलावा भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को देश का प्रथम ओडीएफ प्लस प्लस राज्य (First ODF Plus Plus State) घोषित किया गया है।

आवार्ड लेते समय छत्तीसगढ़ से ये रहे मौजूद
नई दिल्ली में पुरस्कार ग्रहण करने मुख्यमंत्री के साथ ही शहरी विकास मंत्री शिव कुमार डहरिया, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, विभाग की सचिव अलरमेलमंगई डी, आवासीय आयुक्त एम गीता, स्वच्छ भारत मिशन के डायरेक्टर सौमिल रंजन चौबे आदि समारोह में उपस्थित रहे।

नगर निगमों को मिला पुरस्कार
स्वच्छ सर्वेक्षण, गार्बेज फ्री सिटी के लिए रायपुर के महापौर एजाज ढेबर, अम्बिकापुर महापौर अजय तिर्की, भिलाई चरोदा के महापौर चंद्रकांत मांडले, बिलासपुर महापौर रामशरन यादव, चिरमिरी की महापौर कंचन जयसवाल, रायगढ़ महापौर जानकी अमृत काटजू, कोरबा महापौर राजकिशोर प्रसाद, राजनांदगांव महापौर हेमासुदेश देशमुख, दुर्ग महापौर धीरज बकलीवाल के साथ ही नगर निगम के आयुक्त, नगर पालिका अध्यक्ष, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नोडल अधिकारियों ने पुरस्कार ग्रहण किया।

श्रेष्ठ निकायों में छत्तीसगढ़ के सर्वाधिक संस्था शामिल
छत्तीसगढ़ ने स्वच्छता के क्षेत्र में अपना परचम लहराते हुए देश के स्वच्छ्तम राज्य के अपने दर्जे को बरकरार रखते हुए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। छत्तीसगढ़ को न सिर्फ राज्य के रूप में बल्कि यहां के 61 शहरी निकायों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया। छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य है जिसके सबसे ज्यादा निकाय पुरस्कृत किए जा रहे हैं। स्वच्छता के मामले में छत्तीसगढ़ वर्ष 2019 और 2020 में भी अग्रणी राज्य रहा है।

इस तरह स्वच्छता में छत्तीसगढ़ ने मारी बाजी
स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रपति द्वारा दिए जाने वाले 239 पुरस्कारों में से 67 पुरस्कार छत्तीसगढ़ से संबंधित हैं। यह बड़ी उपलब्धि है। इस सफलता के पीछे 10 हजार से अधिक स्वच्छता दीदीयां हैं. गांवों के 7 हजार 500 से अधिक गौठानों में लगभग 5 हजार स्व.सहायता समूहों की 70 हजार महिलाएं विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से पर्यावरण को बेहतर बनाने में जुटी हुई हैं। नरवा-गरवा-घुरवा-बारी कार्यक्रम से स्वच्छता अभियान को जोड़ा।

(TNS)