छत्तीसगढ़ में गोबर बेचने वाले पशुपालकों के खाते में मुख्यंत्री भूपेश बघेल ने जमा की राशि

रायपुर। छत्तीसगढ़ में गोबर बेचकर अपनी आजीविका चलाने वाले पशुपालकों के चेहरों पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को मुस्कान बिखेर दी। उन्होंने अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में गोधन न्याय योजना के तहत पशुपालक ग्रामीणों, गौठानों से जुड़े महिला समूहों और गोठान समितियों को दो करोड़ 92 लाख रुपये की राशि आनलाइन जारी की।

इस राशि में 15 नवंबर से 30 नवंबर तक राज्य के गोठानों में पशुपालक ग्रामीणों, किसानों, भूमिहीनों से गोधन न्याय योजना के तहत क्रय किए गए गोबर के बदले में दो करोड़ 44 लाख रुपये भुगतान तथा गोठान समितियों और महिला समूहों को 48 लाख रुपये की लाभांश राशि दी गई है। इस योजना के तहत अब तक 111 करोड़ 56 लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं।

बताते चलें कि प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से महत्वपूर्ण सुराजी गांव योजना के गरुवा घटक के तहत अब तक राज्य में निर्मित व सक्रिय रूप से संचालित 7,777 गोठानों में से 2029 गोठान स्वावलंबी हो गए हैं। यानी ये गोठान गोबर खरीदी से लेकर वर्मी कंपोस्ट के निर्माण के लिए स्वयं के पास उपलब्ध राशि का उपयोग करने लगे हैं। उन्हें अब दूसरों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं हैं। सर्वाधिक 249 गोठान रायगढ़ जिले में स्वावलंबी हुए हैं। दूसरे नंबर कबीरधाम जिले में 141 और तीसरे क्रम पर महासमुंद जिले में 131 गोठान स्वावलंबी हुए हैं।

मुख्यमंत्री की इस गोधन योजना से गोबर बेचने वालों को जहां आर्थिक लाभ मिल रहा है, वहीं प्रदेश भी ऑर्गेनिक फॉर्मिंग की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। रासायनिक खाद के स्वास्थ्य पर नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जैविक खेती को प्रोत्साहित कर रहे हैं, जिसका असर अब दिखने लगा है।

इस अवसर पर कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, राज्यसभा सांसद छाया वर्मा, राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, कृषि उत्पादन आयुक्त डा. कमलप्रीत सिंह, विशेष सचिव कृषि और गोधन न्याय योजना के नोडल अधिकारी डा. एस भारती दासन और जनसंपर्क आयुक्त दीपांशु काबरा सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।