भगवान शिव पर छत्तीसगढ़ के अफसर ने लगाया कब्जे का आरोप, सात दिन में कब्ज़ा हटाने का नोटिस, वर्ना…

रायपुर। वो अवघड़ दानी हैं… प्रसन्न हो जाएं तो भक्त को बिना सोचे समझे ऐसा वरदान दे देते हैं कि वह भस्मासुर बनकर उनकी ही जान का दुश्मन बन जाए। जी हां देवों के देव महादेव। मगर, अब उनके ऊपर जमीन पर कब्जा करने का आरोप है और जमीन खाली करने के लिए सात दिन का समय देते हुए नोटिस मिला है। जिनके दर्शन करके उनसे  अपनी सुख समृद्धि का आशीर्वाद लेते हैं, उन्हीं भगवान शिव को छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने नोटिस भेजकर  भगवान को यह भी बताया है कि आपका यह कृत्य अपराध की श्रेणी में आता है। आपने अतिक्रमण नहीं हटाया तो आपके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सिंचाई विभाग के अनुविभागीय अधिकारी द्वारा जारी नोटिस।

सिंचाई विभाग के इस नोटिस के बाद अब भगवान भोलेनाथ को मंदिर की जमीन को छोड़ना होगा, लेकिन सवाल यह है कि वह जाएंगे कहां? भगवान शिव को नोटिस जांजगीर-चांपा जिले के सिंचाई विभाग ने भेजा है, जो अब सुर्खियों में आ गया है और यह खबर तेजी से देशभर में वायरल हो रही है। कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी जांजगीर-शाखा नहर उप संभाग क्रमांक-1 की ओर से भगवान भोलेनाथ को नोटिस जारी किया है, जिसमें किसी ट्रस्ट या समिति के नाम का उल्लेख नहीं है।

शिव मंदिर के नाम से जारी नोटिस में अनुविभागीय अधिकारी ने भगवान भोलेनाथ को संबोधित करते हुए लिखा है पटवारी हल्का नंबर 10 जांजगीर शाखा नहर की 1988 वर्गफीट जमीन में आपके द्वारा अतिक्रमण किया गया है। शासन के आदेशानुसार शासकीय जमीन पर कब्जा करना कानून अपराध की श्रेणी में आता है। आपको चेतावनी दी जाती है कि सात दिनों के भीतर आपके द्वारा किया गया कब्जा आप स्वयं हटा ले, अन्यथा आपके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, जिसके लिए आप स्वयं जिम्मेदार होंगे।

15 नवंबर को अनुविभागीय अधिकारी के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश की कॉपी कार्यपालन अभियंता हसदेव नहर जल प्रबंध संभाग, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जांजगीर-चांपा, सीएमओ नगर पालिका परिषद और थाना प्रभारी जांजगीर को भी भेजी गई है। हालांकि, अब नोटिस के वायरल होने के बाद विभागीय अधिकारी मीडिया से बात करते हुए इसे लिपिकीय त्रुटि बताते हुए फिर से मंदिर समिति को नोटिस जारी करने की बात कह रहे हैं।
(TNS)