धान बेचने के लिए टोकन की मारामारी, पहले हम के चक्कर में भीड़ ने महिलाओं को पैरों से कुचला

बालोद (Balod)। धान खरीदी के लिए सहकारी सोसाइटियों (co-operative societies) में टोकन (token) देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसी कड़ी में बालोद जिले (Balod district) के एक धान खरीदी केंद्र (Paddy Purchase Center) में चार गांव के किसान (Farmer) धान खरीदी के लिए टोकन लेने पहुंचे थे। जहां टोकन लेने के दौरान उमड़ी भीड़ ने कई महिला किसानों को कुचल दिया। इसमें कई लोग जख्मी हो गए हैं। बुजुर्गोंं को भी चोटें आई हैं।

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बता दें कि छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में समर्थन मूल्य (support price) पर बिक्री के लिए इस बार किसानों को 50 फीसदी धान खुद के बारदाने में देना होगा। इसके लिए किसानों को टोकन लेने के समय सहमति पत्र भरकर देना होगा। तब खरीदी की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। पर बालोद जिले में ऐसी घटना धान खरीदी की तैयारी की अनदेखी व लापरवाही को दर्शाता है।

इसलिए मची भगदड़
जानकारी अनुसार धान खरीदी के नए सत्र में इस बार धान बेचने के लिए किसानों को पूरे सीजन में पांच की बजाय केवल तीन बार ही टोकन दिया जाएगा। ऐसे में किसान अभी से टोकन के लिए बड़ी संख्या में खरीदी केंद्रों में आ रहे हैं। इस दौरान टोकन लेने पहले हम के जद्दोजहद में भगदड़ मच गई। घटना पीपरछेड़ी (Piparchedi) धान खरीदी केंद्र का है। जहां टोकन लेने पहुंचीं महिलाओं को भीड़ ने रौंद दिया।

17 महिलाएं जख्मी
मिली जानकारी के मुताबिक पीपरछेड़ी धान खरीदी केंद्र (Piperchhedi Paddy Purchase Center) में हुई भगदड़ में 17 महिलाओं को चोटें आई हैं। इसमें 3 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। कई बुजुर्गों को भी चोट लगी है। माना जा रहा है कि सोसायटी प्रंबधन की लापरवाही के कारण हादसा हुआ है। एक साथ 4 गांव के ग्रामीणों को टोकन लेने बुलाया गया था। गेट खुलते ही भीड़ तेजी से काउंटर की ओर बढ़े और इसी दौरान भगदड़ मच गई।

जिला प्रशासन की तैयारी कमजोर
इस घटना से कहा जा सकता है कि जिला प्रशासन धान खरीदी के लिए सही तरह से तैयारी नहीं कर पाया है। किस तरह से स्थिति निंयंत्रण में रखना है इसकी मंत्रणा नहीं की जा सकी है। किसानों को धान खरीदी से पहले परेशानी और अव्यवस्था (Chaos) का सामना करना पड़ा है। महिला किसानों पर पूरा ध्यान रखा जाना था। कई महिलाएं टोकन के लेने लिए पहुंची थीं। ये जिला प्रशासन (district administration) और धान खरीदी केंद्र के जिम्मेदारों की लापरवाही है।

(TNS)