प्रदेश कांग्रेस में बदली कुर्सियां, कहीं ये भूकंप के पहले के झटके तो नहीं

प्रदेश कांग्रेस कमेटी में उपाध्यक्ष, महासचिव, संचार प्रमुख और जिलाध्यक्ष बदले गए, जिन्हें मिली जिम्मेदारी उनमें ज्यादातर संगठन या बाबा के करीबी

तीरंदाज, रायपुर। प्रदेश कांग्रेस में चल रही खींचतान के बीच पार्टी ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी में बदलाव किया है। पार्टी ने प्रदेश के चार उपाध्यक्ष, तीन महासचिव, चार जिलों के जिलाध्यक्ष और संचार विभाग के प्रमुख को बदल दिया है। इन पदों पर जिन्हें नियुक्त किया गया है, उन्हें या तो संगठन का करीबी माना जाता है या फिर वे कहीं न कहीं बाबा यानी टीएस सिंहदेव के करीबी हैं। इन नियुक्तियों को भूकंप के पहले के झटके माना जा रहा है। हालांकि मामला गरम है और ऐसा लग रहा है कि प्रदेश सरकार में कभी भी कोई बदलाव हो सकता है। इसके पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए मुख्य पर्यवेक्षक नियुक्त किया जा चुका है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल द्वारा कुछ देर पहले जारी किए गए पत्र के अनुसार प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख के पद पर अब शैलेश नितिन त्रिवेदी नहीं रहेंगे। उनकी जगह पर सुशील आनंद शुक्ल को दायित्व सौंपा गया है। शैलेश को भूपेश बघेल का करीबी माना जाता है, जबकि सुशील आनंद संगठन की पसंद माने जा रहे हैं। इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस कमेटी में उपाध्यक्ष के पद पर अस्र्ण सिंघानिया को जगह दी गई है। वरिष्ठ कांग्रेसी सिंघानिया भी संगठन के करीबी हैं। उन्होंने गिरीश देवांगन की जगह ली है। बिलासपुर के अटल श्रीवास्तव को भी उपाध्यक्ष के पद से हटा दिया गया है। अटल पर्यटन मंडल के अध्यक्ष भी हैं। उनकी जगह पर पीआर खूंटे नियुक्त किए गए हैं। उपाध्यक्ष पद से भानुप्रताप को भी हटा दिया गया है, उनकी जगह अम्बिका मरकाम को जिम्मेदारी दी गई है। जबकि पदमा मनहर की जगह वाणी राव को उपाध्यक्ष बनाया गया है।

पार्टी ने प्रदेश के तीन महासचिव भी बदल दिए हैं। द्वारिका प्रसाद यादव की जगह वासुदेव यादव, उत्तम वासुदेव की जगह अमरजीत चावला और पंकज शर्मा की जगह सुमित्रा धृतलहरे को महासचिव बनाया गया है। बिलासपुर का अध्यक्ष बनाए गए विजय पांडेय ब्लॉक अध्यक्ष थे और चर्चा है कि उन्हें एक गुट निपटाने की तैयारी में था, लेकिन उन्हें अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है। वे बाबा के करीबी माने जाते हैं। इसी तरह जांजगीर-चांपा के जिलाध्यक्ष बनाए गए राघवेन्द्र भी बाबा के करीबियों में गिने जाते हैं। इसके अलावा मुकेश चंद्राकर को भिलाई शहर और सुरेन्द्र जयसवाल को कोरबा की जिम्मेदारी दी गई है।
(TNS)