सर्व पिछड़ावर्ग समाज का चक्काजामः कहा छत्तीसगढ़ में हमारी आबादी 52 प्रतिशत इसलिए हमें चाहिए 27 प्रतिशत आरक्षण

मांगों को लेकर सर्व पिछड़ावर्ग समाज के हजारों लोगों के सड़क पर जाम लगाने से नेशनल हाईवे-30 पर गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई। उनकी मांग है कि यहां हमारी आबादी 52 प्रतिशत है इस आधार पर हमें 27 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए।

 

चारामा(कांकेर)। सर्व पिछड़ावर्ग समाज ने कांकेर जिले के चारामा में आज चक्काजाम कर दिया गया है। अधिकार रैली के बहाने ऐसा कर उन्होंने ताकत दिखाई है। सर्व पिछड़ा वर्ग समाज ने 6 सूत्रीय मांगों को लेकर सड़क की लड़ाई लड़ने की ठानी है।

मांगों को लेकर सर्व पिछड़ावर्ग समाज के हजारों लोगों के सड़क पर जाम लगाने से नेशनल हाईवे-30 पर गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई। उनकी मांग है कि यहां हमारी आबादी 52 प्रतिशत है इस आधार पर हमें 27 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए।

हर वर्ग हुआ परेशान
बता दें कि मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन से नेशनल हाइवे रायपुर-जगदलपुर पर गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई। इस वजह से कोई भी वाहन इधर से उधर नहीं जा पा रही है। इससे आम लोग खारे परेशान रहे। खासकर यात्री बसों के खड़ी हो जाने से उसमें बैठे बच्चे व महिलाएं हलाकान हो गए थे। शाम को जब अधिकारियों ने समाज से चर्चा की तब वे शांत हुए और धरने से उठे।

समाज की यह है प्रमुख मांगें
छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग के 52 प्रतिशत आबादी के आधार पर 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के स्वतंत्र मंत्रालय की स्थापना किया जाए। पिछड़ा वर्ग को परंपरागत वनवासी होने के नाते पांचवी अनुसूची में शामिल किया जाए। राज्य के त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था में भारत सरकार के जनसंख्या गणना के आधार पर जिन ग्राम पंचायतों में पिछड़ा वर्ग की बहुलता है, ऐसे ग्राम पंचायत में पिछड़ा वर्ग के सरपंच पद आरक्षित किया जाए। छत्तीसगढ़ सरकार एवं भारत सरकार व्दारा प्राथमिक शिक्षा से लेकर कालेज की पढ़ाई के लिए संचालित सभी आश्रम व छात्रावास में पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए स्वतः आरक्षण और छात्रवृत्ति एक समान किया जाए। पिछड़ा वर्ग परम्परागत वनवासियों को वन अधिकार मान्यता पत्र जो वर्तमान में लंबित है, उसे तत्काल प्रदाय किया जाए।

(TNS)