ठोस नतीजे तक पहुंचने का आह्वान, पेशा कानून और 27% आरक्षण की फिर उठी मांग

समाज ने आज फिर एक बार सरकार से पेशा कानून और 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग करके सरकार का ध्यान पिछड़ा वर्ग की ओर खींचा है। पिछड़ा वर्ग के लोगों का कहना है कि अगर सरकार अनसुनी करती है, तो आगे और उग्र आंदोलन किया जाएगा।

कोंडागांव (Kondagaon)। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में फिर से पेशा कानून (Occupation Law) और 27% आरक्षण की मांग (Demand) उठने लगी है। इसी को लेकर कोंडागांव में सोमवार को बड़ी संख्या में पिछड़ा वर्ग समाज (Backward Classes) इकट्ठा हुए। इस दौरान वे पेशा कानून में शामिल करने और 27 प्रतिशत आरक्षण (Reservation) की मांग को लेकर कोंडागांव की सड़कों पर निकले। मांग को लेकर हजारों की संख्या में वे शक्ति प्रदर्शन किया। लगभग 25 हजार लोग रैली (Rally) में शामिल हुए।

मांग को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए चौपाटी ग्राउंड से कलेक्टर कार्यालय होते हुए 4 किलोमीटर की लंबी रैली निकाली गई। जिलेभर से समाज के लोगों ने शक्ति प्रदर्शन करने आए हुए थे। इस दौरान पुरुषों से अधिक महिलाओं की संख्या दिखाई दी।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में चल रहे पेशा कानून को लेकर एक वर्ग पहले से ही बस्तर में पेशा कानून लागू करने की मांग कर रहा है। वहीं आज पिछड़ा वर्ग के विशाल रैली के माध्यम से सरकार से फिर मांग रखी है।

ठोस नतीजा तक पहुंचने का आह्वान
समाज ने आज फिर एक बार सरकार से पेशा कानून और 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग करके सरकार का ध्यान पिछड़ा वर्ग की ओर खींचा है। पिछड़ा वर्ग के लोगों का कहना है कि अगर सरकार अनसुनी करती है, तो आगे और उग्र आंदोलन किया जाएगा। रैली के बाद एक सभा में समाज के वक्ताओं ने पिछड़ा वर्ग को एकजुट होकर इस मांग को आगे बढ़ाते हुए ठोस नतीजे तक पहुंचने का आह्वान किया।

(TNS)