Breaking: छत्तीसगढ़ से जुड़े आतंकी फंडिंग के तार, स्टील प्लांट का पूर्व कर्मचारी गिरफ्तार

पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक राजू खान समेत 4 लोगों के खाते में पाकिस्तान से फंडिंग होती थी। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार आतंकी फंडिंग से जुड़े एक और फरार आरोपी की पुलिस को लंबे समय से इंतजार था।

रायपुर (Raipur)। पाकिस्तान से आतंकी फंडिंग (terror funding) के तार छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) से भी जुड़े हैं। मामले में पिछले 8 साल से फरार (absconding) एक आरोपी (accused) को रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार (arrest) किया है। पूछताछ में और भी खुलासे होने की उम्मीद है।

जानकारी अनुसार रायपुर पुलिस ने आतंकी फंडिंग मामले में एक आरोपी को पकड़ा है। लगभग 8 साल से फरार आरोपी को दुर्गापुर नगरी (Durgapur Nagari) के बी-जोन क्वाटर से गिरफ्तार किया है। आरोपी दुर्गापुर (Durgapur) इस्पात संयंत्र (steel plant) के पूर्व कर्मी (former employee) राजू खान बताया जा रहा है, जिसे गिरफ्तार कर रायपुर लाया जा रहा है।

दुर्गापुर से पकड़ा गया आरोपी
पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक राजू खान समेत 4 लोगों के खाते में पाकिस्तान से फंडिंग होती थी। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार आतंकी फंडिंग से जुड़े एक और फरार आरोपी की पुलिस को लंबे समय से इंतजार था। मामले में पुलिस ने दुर्गापुर के बी-जोन क्वाटर से फरार आरोपी राजू को गिरफ्तार कर लिया है।

डीएसपी में कार्यरत था
राजू खान फिलहाल दुर्गापुर स्थित इस्पात संयंत्र में कार्यरत था। दुर्गापुर न्यायालय में आरोपी को पेश कर ट्रांजिट रिमांड लिया गया है। आरोपी को लेकर पुलिस रायपुर के लिए रवाना हो चुकी है। गिरफ्तार आरोपी के बारे में पुलिस अभी कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। पुलिस सुत्रों के अनुसार आरोपी के छत्तीसगढ़ से तार कैसे जुड़े हैं उस बारे में आने के बाद ही खुलासा करने की बात कही जा रही है।

2013 में फंडिंग मामले में नाम आया था
बताया जा रहा है कि आरोपी राजू खान आतंकी समूहों (terrorist groups) से जुड़ा हुआ था। छत्तीसगढ़ पुलिस लंबे समय से दुर्गापुर निवासी राजू खान उर्फ राजू सिंह की तलाश कर रही थी। राजू पर आरोप है कि वर्ष 2013 में आतंकियों की फंडिंग का जो मामला उजागर हुआ था, उस मामले में राजू के खाते में भी पैसे आते थे। रायपुर पुलिस अब आरोपी से विस्तृत पूछताछ करेगी। उम्मीद है मामले में और संदिग्ध लोगों की गिरफ्तारी भी संभव है।

(TNS)