चिटफंड कंपनियों पर कार्रवाईः 15 करोड़ से अधिक की ठगी के 4 आरोपी गिरफ्तार

इन निदेशकों पर छत्तीसगढ़ भर में कुल 21 एफआईआर दर्ज की गई हैं। जिनमें राजनांदगांव में 9, सरगुजा में 6, कांकेर में 4, रायगढ़ में 1, बिलासपुर में 1 और इसके साथ ही महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात में भी मामले दर्ज किए गए हैं।

रायपुर (raipur)। छत्तीसगढ़ (chhattisgarh) पुलिस चिटफंड के आरोपियों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। अलग-अलग शहरों से आरोपियों को ट्रेस किया जा रहा है। इसी के तहत राजनांदगांव (rajnandgaon) पुलिस ने अनमोल इंडिया एग्रो हर्बल फार्मिंग डेयरी केयर कंपनी लिमिटेड के चार निदेशकों को गिरफ्तार (arrested) किया है। कंपनी के निदेशकों पर 15.34 करोड़ की ठगी का आरोप है।

निवेशकों की प्रार्थना के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर (chit fund company) की फाइल खुलवाई थी। उसके निर्देश के बाद ऐसी कंपनियों के भगोड़ों तक पहुंचने लगातार प्रयास जारी है।

राजनांदगांव में खेली दी कंपनी
इस बार गिरफ्तार निदेशकों में जावेद मेमन (45), रोजिना अका सुप्रा बानो मेमन (32), नीलोफर बानो मेमन (33) और नदिया बानो मेमन (34) को हैदराबाद और नारायणपुर शामिल है। इन्हें बुधवार को गिरफ्तार किया गया। इन निदेशकों पर छत्तीसगढ़ भर में कुल 21 एफआईआर दर्ज की गई हैं। जिनमें राजनांदगांव में 9, सरगुजा में 6, कांकेर में 4, रायगढ़ में 1, बिलासपुर में 1 और इसके साथ ही महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात में भी मामले दर्ज किए गए हैं।

5 हजार 934 निवेशकों ने जमा की थी राशि
इन निदेशकों ने उड़ीसा और मध्यप्रदेश में भी कंपनी खोलने की कोशिश की थी। राजनांदगांव जिले में कुल 9 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें जिले में 5 हजार 934 निवेशकों से लगभग 15.34 करोड़ रुपए की ठगी की गई थी।

ये थे 9 निदेशक
इस कंपनी में कुल 9 निदेशकों जिनमें निदेशक जावेद मेमन (45), रोजिना उर्फ सुप्रा बानो मेमन (32), नीलोफर बानो मेमन (33), नादिया बानो मेमन (34), खालिद मेमन (42), जुनैद मेमन (43), फातिमा बानो मेमन (32), हामिद मेमन (40), उमर मेमन (70), जहां खालिद मेमन और जुनैद मेमन को इससे पहले दिसंबर 2016 में गिरफ्तार किया जा चुका है। फातिमा बानो और हामिद मेमन को 17 जून 2021 को हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत दी गई है। उमर मेमन की मृत्यु हो चुकी हैऽ

आरोपियों तक पहुंचने गठित की गई है विशेष टीम
विशेष रूप से गठित टीम के अथक प्रयासों से तकनीकी जानकारी के माध्यम से और एक सप्ताह से अधिक समय से संदिग्ध क्षेत्रों में शेष 4 को सफलतापूर्वक पकड़ लिया गया है। पूछताछ के माध्यम से पुलिस प्रारंभिक रूप से पैन विवरण, बैंक खातों द्वारा बहुत सारी जानकारी एकत्र कर रही है और उनके खातों में एसबीआई और एक्सिस बैंक की कुल 3.26 करोड़ रुपए फ्रीज कराई जाएगीष फोरेंसिक ऑडिट के जरिए मनी ट्रेल की भी जांच की जा रही है। इन कंपनी द्वारा राजनांदगांव में खोले गए एस्क्रो खाते में कुल 2.2 करोड़ रुपए की राशि जमा कराने की जानकारी मिली है।

ये थे टीम में शामिल
टीम में सीएसपी गौरव राय आईपीएस, डीएसपी लोकेश देवांगन, इन्सपेक्टर शिवेन्द्र राजपूत, एसआई चेतन चंद्राकर, एसआई शक्ति सिंह, एसआई इंदिरा वैष्णव, एसआई रितेश सिंह, एएसआई द्वारिका प्रसाद लाउत्रे, एएसआई संतोष सिंह, हेडकान्सटेबल जी.सिरिल, कन्स्टेबल विभास सिंह, महिला कन्स्टेबल श्यामली तराने, कन्स्टेबल मोहसिन खान, महिला कन्स्टेबल भारती मेरिया, कन्स्टेबल अवध किशोर साहू, कन्स्टेबल गिरिजा शंकर देवांगन, कन्स्टेबल लवन ताराम, कन्स्टेबल तिलक नेताम, कन्स्टेबल सरिता सोनकर, कन्स्टेबल हेमंत साहू, कन्स्टेबल आदित्य सिंह ने अलग-अलग शहरों से आरोपियों को ट्रेस किया।

(TNS)