751वें प्राकट्य दिवसः संत शिरोमणी श्री नामदेव महाराज की हुई प्राणप्रतिष्ठा

प्राणप्रतिष्ठा के पहले सोमवार को कलश यात्रा निकाली गई। उसके बाद गायत्री विद्यापीठ के पंडित मेश्राम के मार्गदर्शन में विधि-विधान से कलश स्थापना की गई। उसके बाद भगवान विट्ठल रुकमाई एवं नाग देव महाराज की मूर्तियों की प्राणप्रतिष्ठा की गई।

भिलाई (Bhilai)। श्री विट्ठल रुकमाई पंढरपुर संत शिरोमणि नामदेव महाराज (Namdev Maharaj) के 751वें प्राकट्य दिवस (Prakatya Divas) पर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। नामदेव जी के नवनिर्मित मंदिर में मूर्ति स्थापना कर प्राणप्रतिष्ठा की गई।

श्री संत सेवा समिति भिलाई सेक्टर 2 हरिपाठ मंडल के मार्गदर्शन में प्राणप्रतिष्ठा के पहले सोमवार को कलश यात्रा निकाली गई। उसके बाद गायत्री विद्यापीठ के पंडित मेश्राम के मार्गदर्शन में विधि-विधान से कलश स्थापना की गई। उसके बाद भगवान विट्ठल रुकमाई एवं नाग देव महाराज की मूर्तियों की प्राणप्रतिष्ठा की गई। अभिषेक किया गया। हवन में सभी ने आहूतियां डाली।

भजन-कीर्तन में रमे रहे लोग
दूसरे दिन मंगलवार को भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। जहां लोगों ने भागीदारी देकर भजन का आनंद लिया। एमके पाटिल, कैलाश धाडसे, लीलाबाई वानखेड़े, कुसुमताई जांगड़े, सुमन कोल्हे, जनाबाई फुसे, उषा क्षीरसागर, प्रांजलि क्षीरसागर ने सुंदर भजन पेश किए। नन्हें बालक कुंज क्षीरसागर ने कन्हैया का रूप धरकर मटकी फोड़ी।

भक्ति मार्ग पर चलने का दिया संदेश
श्री संत सेवा समिति भिलाई सेक्टर 2 हरिपाठ मंडल के मार्गदर्शन में श्री नामदेव महाराज के भजन-कीर्तन कर उनके भक्ति मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर महाभोग में बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। दोपहर पश्चात आरती के बाद गोपाल काला का विशेष प्रसाद पोहा लाई, अनार, सेब, अनानास, अनारदाना, दही अचार का मिश्रण कर प्रशांत एवं उषा क्षीरसागर की ओर से वितरण किया गया।

हरी विठ्ठल हरी विठ्ठल से गूंज उठा परिसर
इस अवसर के मुख्य अतिथि वामन राव हतागले, श्रीमती वर्षा हतागले, श्री धीरेंद्र लोणारे सह परिवार रहे। प्रशांत कुमार क्षीरसागर, उषा क्षीरसागर के मार्गदर्शन में श्री संत नामदेव महाराज के हरी विठ्ठल हरी विठ्ठल हरी मुखे मना हरी के बोल से सभी श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए। इस अवसर पर चंद्रकांत क्षीरसागर, राजेश क्षीरसागर, प्रांजलि क्षीरसागर, राज क्षीरसागर, कुंदा क्षीरसागर, प्रहलाद क्षीरसागर, नेहा क्षीरसागर, राकेश, ओम, पियूष, सिद्धांत, आराध्या, संजय उरकुड़े, ईश्वर फूसे, अनिल उरकुडे, जना बाई फूसे, आनंद फुसे, गायत्री फुसे, संजय उरकूड़े, गज्जू उरकुडे, कांता बोबडे आदि उपस्थित रहे।

(TNS)