NEW DELHI NEWS. देश-दुनिया में हर तरह के टेक्नालॉजी अपडेट हो रहे हैं। दरअसल, फोन की स्क्रीन पर नीचे की ओर से ऊपर को स्वाइप करने पर आपको बैकग्राउंड में काम कर रहीं ऐप्स दिखाई देती है। इन ऐप्स को कई लोग आदतन, तो कई इस सोच में क्लियर कर देते हैं कि इससे फोन की स्पीड बढ़ जाएगी। इसके लिए एक सीधा सा लॉजिक लगाया जाता है कि जब फोन के बैकग्राउंड में कोई ऐप काम नहीं कर रही होगी, तो फोन सभी काम तेजी से कर पाएगा। यह लॉजिक ठीक है लेकिन पूरी तरह नहीं।

बैकग्राउंड ऐप्स बंद करने में कोई बुराई नहीं है। iOS हो या एंड्रॉयड दोनों में यह ऑप्शन यूजर को दिया ही इसलिए जाता है ताकि आप बेकार में बैकग्राउंड में चल रही ऐप्स को बंद कर सकें। हालांकि यहां समझने वाली बात यह है कि इस फीचर को गैरजरूरी ऐप्स को बैगक्राउंड से बंद करने के लिए उपलब्ध कराया गया था। ना कि सभी ऐप्स को बंद कर देने के लिए। दरअसल समय के साथ हमारे मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम इतने स्मार्ट हो गए हैं, कि वह बैकग्राउंड में चल रहे ऐप्स को खुद ही आसानी से मैनेज कर सकते हैं। ऐसे में बार-बार सभी ऐप्स को बंद करना कतई जरूरी नहीं होता।

आपको बैकग्राउंड में चलने वाली सिर्फ उन्ही ऐप्स को बंद करना चाहिए, जिन्हें आप जल्द दोबारा इस्तेमाल नहीं करेंगे। जैसे कि अगर दिल्ली से मुंबई जाने के लिए एयरपोर्ट पर DigiYatri ऐप को इस्तेमाल करते हैं, तो अपनी आने-जाने की यात्रा के दौरान आप इस ऐप को बैकग्राउंड में चालू रहने दे सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि अपनी यात्रा के दौरान वापसी में आपको इस ऐप को फिर से इस्तेमाल करना पड़ेगा। जब आप यात्रा खत्म कर घर लौट आएं, तो इस ऐप को बंद कर सकते हैं क्योंकि इसकी जल्द आपको जरूरत नहीं पड़ेगी।

कहने का मतलब है कि बार-बार और रोज इस्तेमाल होने वाले ऐप्स आपको बैकग्राउंड में चलते छोड़ देने चाहिए। वहीं कभी-कभी इस्तेमाल होने वाले ऐप्स को आप पूरी तरह से बंद कर सकते हैं। ऐसा करने से आपके फोन को बार-बार उन ऐप्स को लोड नहीं करना पड़ेगा, जिनका इस्तेमाल दिनभर में होता रहता है।

बंद करने से ये होता है फायदा
दरअसल, अगर आप WhatsApp, इंस्टाग्राम या यूट्यूब जैसे बार-बार इस्तेमाल होने वाले ऐप्स को बार-बार बंद कर देते हैं, तो आपके फोन को प्रोसेसर और बैटरी पर ज्यादा लोड पड़ता है। ऐसा इसलिए क्योंकि फोन को फिर से उस ऐप के पूरे डेटा को लोड करना पड़ता है। इससे फोन स्लो भी होता है। वहीं बैकग्राउंड में पहले से मौजूद ऐप आपके सामने तुरंत खुल जाती है और प्रोसेसर के अलावा बैटरी पर भी कम जोर पड़ता है।




































